अहमदाबाद में बुलियन कारोबारी की पहचान का इस्तेमाल कर ₹75 लाख की कथित ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रतिबिंब ऐप की सूचना पर बोकारो पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी मॉड्यूल का भंडाफोड़; दो आरोपी गिरफ्तार

Team The420
3 Min Read

झारखंड के बोकारो में पुलिस ने प्रतिबिंब ऐप से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर साइबर ठगी के एक संगठित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संचालित एक साइबर गिरोह का हिस्सा थे, जो बैंक अधिकारी और क्रेडिट कार्ड प्रतिनिधि बनकर लोगों से संवेदनशील बैंकिंग जानकारी हासिल कर ठगी करता था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित कुमार दास (23), निवासी पटेल नगर, और अर्जुन कुमार दास (28), निवासी अंबेडकर पुरी, चास के रूप में हुई है। दोनों को मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात चास क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए आपस में समन्वय स्थापित करते थे और बैंक अधिकारी या क्रेडिट कार्ड कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान वे बैंक खाते, कार्ड और अन्य वित्तीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

FCRF Launches Certified AI-Powered SOC Analyst Program to Train the Next Generation of Cyber Defence Professionals

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, दो बैंक पासबुक, ₹9,400 नकद तथा संभावित शिकार बनाए जाने वाले लोगों के मोबाइल नंबरों की हस्तलिखित सूची बरामद की है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

इस मामले में बोकारो साइबर क्राइम थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111, 318, 319, 338 और 340 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66(C) और 66(D) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एल्गोरिथा सिक्योरिटी के एक शोधकर्ता के अनुसार, साइबर अपराधी अब संगठित तरीके से व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग कर कॉलिंग नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। ऐसे मामलों में बैंक या वित्तीय संस्थान के नाम पर आने वाली कॉल पर किसी भी प्रकार की गोपनीय बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

हमसे जुड़ें

Share This Article