एंथ्रोपिक ने खुलासा किया है कि साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान Claude AI तकनीकी त्रुटि के कारण तीन वास्तविक संगठनों के सिस्टम तक पहुंच गया।

एंथ्रोपिक का खुलासा: परीक्षण के दौरान क्लाउड एआई ने तीन वास्तविक सिस्टमों में बनाई अनधिकृत पहुंच

Team The420
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सैन फ्रांसिस्को: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने स्वीकार किया है कि उसके क्लाउड (Claude) एआई मॉडल ने एक साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान अनजाने में तीन वास्तविक संगठनों के सिस्टम तक बिना अनुमति पहुंच बना ली। कंपनी के अनुसार यह घटना किसी जानबूझकर किए गए साइबर हमले का परिणाम नहीं थी, बल्कि एक तकनीकी कॉन्फ़िगरेशन त्रुटि के कारण हुई, जिसने परीक्षण के लिए बनाए गए पृथक (आइसोलेटेड) वातावरण से मॉडल को वास्तविक इंटरनेट तक पहुंच प्रदान कर दी। इस खुलासे ने उन्नत एआई प्रणालियों की सुरक्षा, नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

एंथ्रोपिक ने बताया कि यह घटनाएं ‘कैप्चर द फ्लैग’ (Capture the Flag) नामक साइबर सुरक्षा मूल्यांकन के दौरान सामने आईं। इस प्रकार के परीक्षण में एआई मॉडल को एक काल्पनिक नेटवर्क वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जहां उसे छिपी हुई जानकारी या निर्धारित लक्ष्य खोजने का कार्य दिया जाता है। कंपनी के अनुसार तकनीकी त्रुटि के कारण क्लाउड मॉडल वास्तविक इंटरनेट से जुड़ गया और उसने बाहरी सिस्टमों को भी परीक्षण वातावरण का हिस्सा समझ लिया। इसी भ्रम में मॉडल ने सामान्य और पहले से ज्ञात तकनीकों, जैसे कमजोर पासवर्ड का उपयोग कर, तीन अलग-अलग संगठनों के नेटवर्क तक पहुंच स्थापित कर ली।

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कंपनी ने स्पष्ट किया कि मॉडल ने किसी उन्नत या अज्ञात साइबर कमजोरी (Zero-Day Vulnerability) का फायदा नहीं उठाया और न ही उसने परीक्षण वातावरण से बाहर निकलने का कोई जानबूझकर प्रयास किया। एंथ्रोपिक के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों से यह संकेत नहीं मिलता कि मॉडल ने स्वयं सुरक्षा सीमाओं को तोड़ने या नियंत्रण से बाहर जाने की कोशिश की हो। हालांकि वास्तविक प्रणालियों तक अनधिकृत पहुंच बन जाना अपने आप में एक गंभीर सुरक्षा घटना मानी जा रही है।

एंथ्रोपिक ने प्रभावित संगठनों को इस घटना की जानकारी दे दी है, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। कंपनी के मुताबिक जिन तीन संगठनों के सिस्टम तक मॉडल पहुंचा, उनमें से दो ने स्वीकार किया कि उन्हें पहले इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। तीसरे संगठन से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। कंपनी का कहना है कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी प्रकार के डेटा चोरी, डेटा परिवर्तन या जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के प्रमाण नहीं मिले हैं, फिर भी पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है।

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब हाल के दिनों में उन्नत एआई मॉडलों की स्वायत्त क्षमताओं और साइबर सुरक्षा जोखिमों को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हुई है। एंथ्रोपिक ने बताया कि उसने अपने 1.41 लाख से अधिक मूल्यांकन रन की व्यापक सुरक्षा समीक्षा की, जिसके दौरान इन तीन घटनाओं की पहचान हुई। समीक्षा में क्लाउड ओपस 4.7, क्लाउड सोननेट श्रृंखला के मॉडल तथा एक आंतरिक शोध मॉडल के प्रदर्शन का भी विश्लेषण किया गया।

कंपनी ने समीक्षा के दौरान एक महत्वपूर्ण तकनीकी अंतर भी दर्ज किया। एंथ्रोपिक के अनुसार पुराने मॉडलों ने यह संकेत मिलने के बाद भी अपनी गतिविधियां जारी रखीं कि वे वास्तविक इंटरनेट वातावरण में कार्य कर रहे हैं। इसके विपरीत नवीनतम मॉडल ने जैसे ही यह पहचाना कि वह नियंत्रित परीक्षण नेटवर्क के बजाय वास्तविक इंटरनेट से जुड़ा हुआ है, उसने अपनी गतिविधियां रोक दीं। कंपनी का मानना है कि यह नए मॉडलों में विकसित हो रही बेहतर “सिचुएशनल अवेयरनेस” अर्थात परिस्थितियों को समझने और उनके अनुरूप व्यवहार करने की क्षमता का संकेत है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि उन्नत एआई प्रणालियों के विकास के साथ-साथ मजबूत सुरक्षा नियंत्रण, नेटवर्क आइसोलेशन, एक्सेस मैनेजमेंट और निरंतर निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार एआई आधारित परीक्षण प्रणालियों के लिए स्पष्ट सुरक्षा सीमाएं, बहुस्तरीय नियंत्रण तंत्र और नियमित सुरक्षा ऑडिट भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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