दिल्ली पुलिस की द्वारका जिले की सेक्टर-23 थाना पुलिस ने अमेजन की डिलीवरी के लिए भेजी गई मोबाइल फोन की बड़ी खेप में कथित चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ट्रक चालक के साथ मिलकर रास्ते में लगभग 1,500 मोबाइल फोन गायब कर दिए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 604 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹1.5 करोड़ बताई गई है। पुलिस अब ट्रक चालक और इस कथित साजिश में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा निवासी पंकज और आनंद तथा हाथरस निवासी मोहित के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि तीनों आरोपी संगठित तरीके से मोबाइल फोन की खेप चोरी करने वाले नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और पहले भी इसी तरह की वारदातों में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
मामले की शुरुआत 20 जून को हुई, जब गुरुग्राम स्थित अमेजन वेयरहाउस के एक प्रबंधक ने द्वारका सेक्टर-23 थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि डिलीवरी के लिए एक ट्रक में लगभग 4,500 मोबाइल फोन लोड किए गए थे। आरोप है कि ट्रक चालक ने रास्ते में अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 1,500 मोबाइल फोन कथित रूप से चोरी कर लिए। इसके बाद शेष मोबाइल फोन निर्धारित स्थान पर छोड़कर वह फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर संभावित मार्गों तक लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच और फुटेज के आधार पर पुलिस ने उस पिकअप वाहन की पहचान की, जिसका कथित रूप से चोरी किए गए मोबाइल फोन ले जाने में उपयोग किया गया था। इसके बाद जांच में यह जानकारी सामने आई कि उत्तर प्रदेश के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की पुलिस पहले ही उसी पिकअप वाहन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और उनके पास से कुछ चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे।
इसके बाद द्वारका पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर तीनों आरोपियों को अपनी हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के भिघेपुर गांव स्थित एक बगीचे में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां छिपाकर रखे गए 604 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइल फोन की पहचान कथित रूप से चोरी हुई खेप के हिस्से के रूप में की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, परिवहन संबंधी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी की गई शेष मोबाइल खेप कहां पहुंचाई गई, उसे किन लोगों को बेचा गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य किन व्यक्तियों की भूमिका रही।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कथित रूप से पहले भी विभिन्न राज्यों में मोबाइल फोन की खेप की चोरी और हेराफेरी से जुड़े मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास, बैंक खातों, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। ट्रक चालक सहित अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले से जुड़े सभी आरोप जांच के अधीन हैं और उनकी अंतिम पुष्टि विस्तृत विवेचना तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
