अमेरिका की प्रमुख बीमा कंपनी Allstate पर लगे मोबाइल फोन के जरिए ड्राइवरों की गतिविधियों को ट्रैक करने के आरोपों को लेकर चल रहा विवाद अब अदालत में आगे बढ़ेगा। एक अमेरिकी अदालत ने उस सामूहिक मुकदमे को खारिज करने से इनकार कर दिया है जिसमें कंपनी पर आरोप है कि उसने लाखों ड्राइवरों के मोबाइल डेटा को बिना स्पष्ट सहमति के इकट्ठा किया और इसका इस्तेमाल बीमा प्रीमियम तय करने तथा अन्य कंपनियों को डेटा बेचने के लिए किया। मामला उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें कई ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने उनके मोबाइल फोन के जरिए यात्रा से संबंधित बेहद संवेदनशील जानकारी एकत्र की।
लोकेशन-स्पीड डेटा संग्रह
इसमें ड्राइवर की लोकेशन, यात्रा की दूरी, वाहन की गति, अचानक ब्रेक लगाने की घटनाएं, तेज एक्सेलरेशन और यहां तक कि ड्राइविंग के दौरान फोन के उपयोग से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल थीं। शिकायत के अनुसार, इन जानकारियों का उपयोग ड्राइवरों के जोखिम का मूल्यांकन करने और उसके आधार पर बीमा प्रीमियम बढ़ाने या कवरेज देने से इनकार करने के लिए किया गया। ड्राइवरों का आरोप है कि यह डेटा केवल कंपनी के पास ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे अन्य बीमा कंपनियों और डेटा एनालिटिक्स नेटवर्क के साथ भी साझा किया गया, जिससे उपभोक्ताओं की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
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Arity का ऐप नेटवर्क
इस विवाद के केंद्र में कंपनी की डेटा एनालिटिक्स इकाई Arity है, जिस पर आरोप है कि उसने मोबाइल ऐप्स के जरिए बड़े पैमाने पर ड्राइविंग डेटा एकत्र किया। शिकायत में कहा गया है कि यह ट्रैकिंग कई लोकप्रिय मोबाइल ऐप्स के माध्यम से की गई। इनमें Fuel Rewards, GasBuddy, Life360 और कंपनी के स्वामित्व वाला Routely ऐप शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि इन ऐप्स में मौजूद सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में उपयोगकर्ताओं की यात्रा संबंधी जानकारी लगातार रिकॉर्ड करता रहा, जबकि कई उपयोगकर्ताओं को इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि उनका डेटा किस स्तर तक ट्रैक किया जा रहा है।
Federal Wiretap Act उल्लंघन
अदालत ने यह भी माना कि ड्राइवर यह साबित करने का प्रयास कर सकते हैं कि कंपनी ने अमेरिका के Federal Wiretap Act का उल्लंघन किया। यह कानून बिना अनुमति के संचार या डिजिटल डेटा की निगरानी और रिकॉर्डिंग पर रोक लगाता है। यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि कंपनी ने उपयोगकर्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना डेटा एकत्र किया, तो मामला उपभोक्ता गोपनीयता से जुड़ा बड़ा कानूनी विवाद बन सकता है। मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि डेटा एनालिटिक्स इकाई ने कुछ मामलों में ड्राइविंग व्यवहार से जुड़ी गलत रिपोर्टिंग की।
टेलीमैटिक्स विवाद
उदाहरण के तौर पर, जब कोई व्यक्ति केवल वाहन में यात्री के रूप में मौजूद था, तब भी उसे ड्राइवर मानकर उसकी ड्राइविंग गतिविधि दर्ज कर ली गई। ऐसे मामलों में गलत डेटा के आधार पर बीमा जोखिम प्रोफाइल तैयार होने का दावा किया गया है। इस विवाद के तहत कई राज्यों के उपभोक्ता कानूनों के उल्लंघन का भी मुद्दा उठाया गया है। अदालत ने विभिन्न राज्यों के कानूनों के तहत दायर कई दावों को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। बीमा उद्योग में पिछले कुछ वर्षों में टेलीमैटिक्स तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
कंपनी का बचाव
कंपनी की ओर से कहा गया है कि जिन उपभोक्ताओं ने ऐसे ऐप्स का उपयोग किया, उन्होंने डेटा साझा करने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट रूप से सहमति दी थी। कंपनी का दावा है कि इन ऐप्स के जरिए उपयोगकर्ताओं को कई सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें आपातकालीन सहायता, ईंधन दक्षता का आकलन और व्यक्तिगत बीमा दरों की जानकारी शामिल है। यह मामला अब आगे की सुनवाई में जाएगा, जहां अदालत इस बात पर विचार करेगी कि क्या वास्तव में ड्राइवरों के डेटा का उपयोग उनकी जानकारी या अनुमति के बिना किया गया था।
