नई दिल्ली। अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक जूरी ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा को यूजर्स को उसकी डेटा प्राइवेसी नीतियों, हेट स्पीच और गलत सूचना से जुड़ी नीतियों के बारे में गुमराह करने का दोषी माना है। सांता फे में दो सप्ताह चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को आए फैसले में जूरी ने राज्य की ओर से चिन्हित 29 बयानों में से 26 को भ्रामक माना। अब मामले में सिविल पेनल्टी की राशि जज फ्रांसिस मैथ्यू तय करेंगे।
यह मामला 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़े कैम्ब्रिज एनालिटिका प्रकरण की पृष्ठभूमि में दायर किया गया था। न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने 2021 में मेटा के खिलाफ मुकदमा शुरू किया था। आरोप था कि कंपनी ने यूजर्स को यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी कि उनका निजी डेटा किस तरह तीसरे पक्ष के साथ साझा किया जा सकता है। कैम्ब्रिज एनालिटिका ने एक थर्ड-पार्टी ऐप के जरिए फेसबुक के करोड़ों यूजर्स का डेटा हासिल किया था। उस समय सामने आए अनुमानों के मुताबिक प्रभावित यूजर्स की संख्या करीब 8.7 करोड़ तक हो सकती थी।
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राज्य की ओर से मुकदमे में कहा गया कि फेसबुक ने यूजर्स को यह विश्वास दिलाया कि उनके निजी डेटा पर उनका पर्याप्त नियंत्रण है, जबकि कंपनी के प्लेटफॉर्म से जुड़े कुछ थर्ड-पार्टी ऐप को यूजर्स का डेटा हासिल करने की अनुमति थी। राज्य ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी की हेट स्पीच और गलत सूचना से जुड़ी नीतियों को जिस तरह सार्वजनिक रूप से पेश किया गया, वह वास्तविक संचालन से पूरी तरह मेल नहीं खाता था।
जूरी ने डेटा, हेट स्पीच और गलत सूचना से जुड़े कई बयानों को भ्रामक माना। हालांकि, उसने कंपनी के हानिकारक सामग्री हटाने और फैक्ट-चेकिंग से जुड़े कुछ बयानों को लेकर राज्य के आरोपों को स्वीकार नहीं किया। इससे मामले में राज्य के सभी दावों पर मेटा के खिलाफ फैसला नहीं आया।
अब संभावित आर्थिक दंड का सवाल है। जूरी के निष्कर्ष के आधार पर 4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघनों की संख्या सामने आई है। न्यू मैक्सिको के कानून के तहत प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम 5,000 डॉलर यानी करीब ₹4.45 लाख तक का सिविल दंड लगाया जा सकता है। राज्य के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने कहा है कि उनका कार्यालय जूरी के निष्कर्षों के आधार पर अधिकतम दंड की मांग करेगा। हालांकि अंतिम राशि जज तय करेंगे।
राज्य सरकार आर्थिक दंड के अलावा मेटा के संचालन में बदलाव के निर्देश की भी मांग कर सकती है। इनमें कंपनी के पुराने भ्रामक बयानों में सुधार करने और यूजर्स के डेटा प्रबंधन की प्रक्रिया का ऑडिट कराने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
मेटा ने जूरी के फैसले से असहमति जताई है और कहा है कि वह मामले में अपना बचाव जारी रखेगी। कंपनी का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए मंच हैं और वह यूजर्स की जानकारी की सुरक्षा तथा उन्हें अपने डेटा पर नियंत्रण देने को प्राथमिकता देती है। कंपनी ने यह भी कहा है कि राज्य ने उसके बयानों के ऐसे हिस्सों को अलग करके पेश किया, जिनका पूरा संदर्भ देखने पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। मेटा ने यूजर्स की जानकारी बेचने के आरोप से भी इनकार किया है।
यह न्यू मैक्सिको में मेटा के खिलाफ छह महीने के भीतर दूसरा बड़ा जूरी फैसला है। मार्च में एक अन्य मुकदमे में जूरी ने कंपनी को फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर कम उम्र के यूजर्स की सुरक्षा को लेकर गुमराह करने का दोषी माना था। उस मामले में ₹333.75 करोड़ का सिविल दंड लगाया गया था। बाद की कार्यवाही में जज ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े राज्य फंड में ₹504.63 करोड़ जमा करने और न्यू मैक्सिको में किशोर यूजर्स की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय लागू करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद मेटा ने अमेरिका के 47 राज्यों, वॉशिंगटन डीसी और अमेरिकी क्षेत्रों के साथ एक व्यापक समझौता किया था। उस समझौते में कंपनी ने बच्चों को फेसबुक और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल के प्रति कथित रूप से अत्यधिक आकर्षित करने से जुड़े दावों को निपटाने के लिए करीब ₹14,87,000 करोड़ तक भुगतान करने पर सहमति जताई थी। कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े गोपनीयता मामलों को निपटाने के लिए भी कुछ राज्यों के साथ करीब ₹4,104 करोड़ का समझौता हुआ था। न्यू मैक्सिको उस समझौते में शामिल नहीं हुआ, इसलिए वहां का मामला अलग से सुनवाई तक पहुंचा।
