नई दिल्ली: Reliance Communications Limited (RCom) से जुड़े ₹1,200 करोड़ के कथित Loan Fraud मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए दूसरी Supplementary Chargesheet दाखिल की है। यह Chargesheet Reliance ADA Group के Group Managing Director Amitabh Jhunjhunwala के खिलाफ Mumbai स्थित Special CBI Court में दाखिल की गई। जांच एजेंसी ने उन पर Criminal Conspiracy, Criminal Misappropriation और Cheating के आरोप लगाए हैं। CBI के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 20 आरोपियों के खिलाफ Chargesheet दाखिल हो चुकी है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, Amitabh Jhunjhunwala ने Group में महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए कथित तौर पर ऐसी आपराधिक साजिश में भूमिका निभाई, जिसके तहत State Bank of India (SBI) से Reliance Communications Limited और Reliance Infratel Limited के लिए ₹1,200 करोड़ का Term Loan हासिल किया गया। आरोप है कि दोनों कंपनियों ने Loan की रकम वापस नहीं की, जिससे SBI को करीब ₹971.25 करोड़ का कथित नुकसान हुआ।
SBI की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामला SBI की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। CBI की FIR के अनुसार, इस पूरे मामले में Public Sector Banks और Financial Institutions का कुल Exposure करीब ₹19,694.33 करोड़ बताया गया है। हालांकि, मौजूदा Supplementary Chargesheet ₹1,200 करोड़ के Term Loan और उससे जुड़े कथित नुकसान पर केंद्रित है।
CBI Loan Sanction Process, Funds Utilisation और Financial Transactions की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि Loan से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या निर्धारित उद्देश्य से अलग किसी अन्य गतिविधि में रकम का कथित तौर पर इस्तेमाल या Diversion हुआ।
पहली Chargesheet में 16 आरोपी
CBI ने 29 मई 2026 को मामले में पहली Chargesheet दाखिल की थी। इसमें Reliance Communications Limited समेत कुल 16 आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें कंपनी के पांच Senior Executives और 10 Bank Officials भी शामिल थे।
जांच आगे बढ़ने के बाद CBI ने Netizen Engineering Pvt. Ltd. और उसके Directors Anil Jamna Kalya तथा Tunu Sahu के खिलाफ पहली Supplementary Chargesheet दाखिल की थी। एजेंसी की जांच में इस Entity की कथित भूमिका Funds Diversion से जुड़े लेनदेन में सामने आई थी।
अब Amitabh Jhunjhunwala के खिलाफ दूसरी Supplementary Chargesheet दाखिल होने के साथ मामले में Chargesheeted आरोपियों की संख्या 20 हो गई है। CBI के अनुसार, अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे Judicial Custody में हैं।
Reliance Group से जुड़े आठ अन्य मामलों की जांच
CBI की जांच केवल इस ₹1,200 करोड़ के Loan Case तक सीमित नहीं है। एजेंसी ने विभिन्न Public Sector Banks, Life Insurance Corporation of India (LIC) और Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) की शिकायतों के आधार पर Reliance Group से जुड़े आठ अन्य FIR भी दर्ज किए हैं।
इन मामलों में Reliance Communications Limited, Reliance Home Finance Limited, Reliance Commercial Finance Limited और Reliance Telecom Limited से संबंधित कथित Financial Irregularities की जांच की जा रही है। इन मामलों में Loan Transactions, Fund Utilisation और संबंधित Entities की भूमिका की जांच एजेंसी कर रही है।
Financial Trail पर CBI की नजर
मौजूदा मामले में CBI का फोकस Loan की रकम के Financial Trail पर भी है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ₹1,200 करोड़ की रकम किन Accounts और Entities के माध्यम से इस्तेमाल हुई तथा इससे जुड़े Financial Transactions की वास्तविक प्रकृति क्या थी।
एजेंसी यह भी जांच रही है कि Loan से जुड़े फैसलों में किन अधिकारियों और अन्य Entities की भूमिका थी और क्या किसी स्तर पर कथित तौर पर नियमों या बैंकिंग प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया।
CBI के अनुसार, आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। Reliance ADA Group से जुड़े इन मामलों की जांच Supreme Court की निगरानी में चल रही है।
Amitabh Jhunjhunwala के खिलाफ Supplementary Chargesheet दाखिल होने के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। Chargesheet में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और आरोपियों की दोषसिद्धि का फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
