अजमेर में Insurance Policy Renewal के नाम पर ₹6.50 लाख की कथित साइबर ठगी मामले में Cybercrime Police ने दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

Policy Renewal Scam: ₹6.50 Lakh की साइबर ठगी, Delhi से आरोपी गिरफ्तार; Fake Firm Account से रकम ट्रांसफर करने का आरोप

Team The420
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Ajmer: राजस्थान के अजमेर में Insurance Policy Renewal के नाम पर करीब ₹6.50 लाख की साइबर ठगी के मामले में Cybercrime Police ने दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर अजमेर निवासी एक व्यक्ति को Policy Renewal कराने का झांसा दिया और ठगी की रकम को एक कथित फर्जी फर्म के Bank Account के जरिए आगे ट्रांसफर किया।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान ठगी की रकम के Bank Transactions को ट्रैक किया गया और जिन खातों में रकम पहुंची, उनके खाताधारकों की जानकारी जुटाई गई। Banking Records और अन्य Technical Evidence के आधार पर जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

Fake Firm के नाम पर खोला गया Bank Account

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि विकास कुमार ने सूर्यांश के नाम पर कपड़ों की दुकान के रूप में IGMS Corporation नाम की फर्म का Bank Account खुलवाया था। पुलिस का आरोप है कि इस खाते का इस्तेमाल Cyber Fraud से प्राप्त रकम को प्राप्त करने और अलग-अलग खातों में Transfer करने के लिए किया जाता था।

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जांच के अनुसार, Bank Account उपलब्ध कराने के बदले सूर्यांश को कथित तौर पर ₹500 प्रतिदिन दिए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह Bank Account कितने समय से इस्तेमाल किया जा रहा था और इसके माध्यम से कुल कितनी रकम का लेनदेन हुआ।

Investigators इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि फर्म के नाम पर खोला गया खाता वास्तव में किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था और इससे जुड़े अन्य Bank Accounts या Financial Channels कौन-कौन से हैं।

Fraud Amount का 10% अपने पास रखने का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोप है कि Policy Renewal Scam से प्राप्त रकम में से करीब 10 प्रतिशत हिस्सा विकास कुमार अपने पास रखता था। इसके बाद बाकी रकम अमृत, आसिफ और अन्य कथित सहयोगियों के Bank Accounts में Transfer की जाती थी।

पुलिस को इस Financial Trail से कथित Cyber Fraud Network के संगठित तरीके से संचालित होने का संदेह है। जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि अलग-अलग खातों में रकम भेजने की पूरी प्रक्रिया किसके निर्देश पर संचालित होती थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।

अजमेर लाकर पूछताछ, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस के अनुसार, मामले में विकास कुमार के साथ सूर्यांश, अमृत और आसिफ को भी अजमेर लाया गया है। आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित Fraud Network के संचालन, Bank Accounts के इस्तेमाल और रकम के लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले Policy Renewal, Insurance या अन्य वित्तीय सेवाओं के नाम पर कितने लोगों को निशाना बनाया। अलग-अलग Bank Transactions और Digital Evidence की जांच के जरिए पुराने मामलों से संभावित संबंधों को भी खंगाला जा रहा है।

Money Trail से खुलेगा नेटवर्क का राज

Cyber Fraud मामलों में Mule या Third-Party Bank Accounts का इस्तेमाल अक्सर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के लिए किया जाता है। इस मामले में भी पुलिस का फोकस कथित Money Trail को समझने और रकम के अंतिम लाभार्थियों की पहचान करने पर है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क कैसे किया, Policy Renewal के नाम पर किस तरह भरोसा कायम किया गया और ठगी की रकम को किन-किन खातों के जरिए आगे भेजा गया। साथ ही, कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मामले में आगे की कार्रवाई आरोपियों से पूछताछ, Bank Records और अन्य Technical Evidence के आधार पर की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि Financial Transactions और पूछताछ से Cyber Fraud Network के विस्तार तथा संभावित अन्य मामलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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