बीजिंग: चीन में शेयर बाजार में निवेश और तेज मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाने वाला साइबर फ्रॉड नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा है। एक महिला को स्क्वायर डांस के दौरान मिली परिचित ने खुद को एक अनुभवी शेयर ट्रेडर बताया और धीरे-धीरे विश्वास कायम कर करीब 2 लाख युआन यानी लगभग ₹28.3 लाख निवेश करने के लिए तैयार कर लिया। समय रहते नेशनल एंटी-फ्रॉड सेंटर की चेतावनी और पुलिस की घर पहुंचकर की गई कार्रवाई से महिला बड़ी वित्तीय ठगी का शिकार होने से बच गई।
पीड़िता ने बताया कि ठग महिला ने स्क्वायर डांस के दौरान सामान्य बातचीत से शुरुआत की। उसने परिवार, उम्र, नौकरी और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली और अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें भी साझा कीं। बातचीत के दौरान उसने बताया कि वह एक दशक से अधिक समय से शेयर बाजार में निवेश कर रही है और हाल में उसे काफी अच्छा रिटर्न मिल रहा है। इसके बाद उसने कथित निवेश मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर पीड़िता का भरोसा और मजबूत किया।
धीरे-धीरे बातचीत निवेश की ओर मोड़ी गई। ठग ने पीड़िता को एक कथित वेल्थ मैनेजमेंट ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा और दावा किया कि 2 लाख युआन निवेश करने पर उसे अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पीड़िता ने ऐप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन किया और बैंक कार्ड जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान उसे नेशनल एंटी-फ्रॉड सेंटर से चेतावनी कॉल मिली। शुरुआत में उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन इसके बाद पुलिस उसके घर पहुंची और बताया कि इसी तरह के मामलों में लोगों को फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए ठगा जा चुका है। तब उसे समझ आया कि वह एक सुनियोजित फ्रॉड का शिकार होने वाली थी।
फर्जी निवेश ऐप से बनाया जाता है भरोसा
जांच में सामने आया कि अवैध शेयर सलाह और निवेश ठगी अब किसी एक व्यक्ति की गतिविधि नहीं रह गई है। इसके पीछे अलग-अलग भूमिकाओं में काम करने वाले संगठित गिरोह हैं। इन नेटवर्क में लीड जनरेशन, ग्राहक सेवा, तकनीकी संचालन और फंड ट्रांसफर के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाती हैं। कई बार एक टीम के सदस्य दूसरी टीम के लोगों से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलते और पूरा संचालन ऑनलाइन माध्यमों से होता है।
लीड जनरेशन टीम सोशल मीडिया पोस्ट, लाइव स्ट्रीम और शॉर्ट वीडियो के जरिए ऐसे लोगों को तलाशती है जो शेयर बाजार में जल्दी मुनाफा कमाना चाहते हैं। इसके बाद ग्राहक सेवा टीम निजी चैट या ग्रुप के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखती है। भरोसा कायम होने के बाद पीड़ित को फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड कराया जाता है। तकनीकी टीम ऐप और उसके सर्वर का संचालन करती है, जबकि फंड टीम बैंक खातों और अन्य माध्यमों के जरिए रकम को आगे भेजती है।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप इस पूरे नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा होते हैं। इनमें शेयर की कीमत, खाते की शेष राशि, मुनाफा और नुकसान जैसी जानकारी वास्तविक शेयर बाजार से जुड़ी नहीं होती। गिरोह का तकनीकी नेटवर्क इन आंकड़ों को अपनी जरूरत के अनुसार बदल सकता है। शुरुआती चरण में निवेशक को बड़ा मुनाफा दिखाया जाता है, जिससे उसका भरोसा बढ़ता है और वह ज्यादा रकम निवेश करने के लिए तैयार हो जाता है।
निकासी के समय शुरू होता है दूसरा जाल
जब पीड़ित बड़ी रकम जमा कर देता है, तो कई मामलों में उसे पैसा निकालने की अनुमति नहीं दी जाती। कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस और कभी अतिरिक्त निवेश के नाम पर और रकम मांगी जाती है। यदि पीड़ित भुगतान करने से इनकार करता है तो खाता फ्रीज करने या मुनाफा जब्त होने की धमकी दी जा सकती है। अंत में ऐप बंद कर दिया जाता है या पीड़ित का खाता लॉक कर दिया जाता है।
इन फर्जी प्लेटफॉर्म के सर्वर, डेटाबेस और डोमेन का बड़ा हिस्सा विदेशों में होस्ट किए जाने की बात सामने आई है। इससे जांच एजेंसियों के लिए वास्तविक लेनदेन रिकॉर्ड, उपयोगकर्ता डेटा और बैकएंड गतिविधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
ठगी की रकम मिनटों में कई खातों में पहुंचती है
फ्रॉड नेटवर्क रकम को लंबे समय तक एक बैंक खाते में नहीं रखते। पीड़ित से पैसा मिलते ही इसे कई म्यूल खातों, थर्ड-पार्टी भुगतान माध्यमों और अन्य चैनलों में तेजी से ट्रांसफर किया जाता है। इसके बाद रकम अलग-अलग क्षेत्रों से होते हुए विदेशों में भेजी जाती है।
जांच में अंडरग्राउंड बैंकिंग नेटवर्क, वर्चुअल करेंसी और फर्जी सीमा-पार व्यापार लेनदेन जैसे तरीकों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। कई स्तरों पर रकम ट्रांसफर होने के कारण वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचना और पैसा बरामद करना मुश्किल हो जाता है।
2025 में चीन में 2.58 लाख फ्रॉड केस
चीन में टेलीकॉम और ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई भी जारी है। 2025 में पुलिस ने देशभर में 2.58 लाख टेलीकॉम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों का खुलासा किया। ठगी के पीछे वित्त उपलब्ध कराने वालों, सरगनाओं और प्रमुख संचालकों समेत 542 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसी अवधि में पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने 360 करोड़ से अधिक फर्जी फोन कॉल और 330 करोड़ से अधिक धोखाधड़ी वाले टेक्स्ट मैसेज ब्लॉक किए। आपात कार्रवाई के जरिए 217.07 अरब युआन यानी करीब ₹30.7 लाख करोड़ की संदिग्ध धोखाधड़ी रकम फ्रीज की गई। संभावित पीड़ितों को समय रहते रोकने के लिए 67.47 लाख से अधिक व्यक्तिगत चेतावनी यात्राएं भी की गईं।
विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार में गारंटीड मुनाफे, मूलधन की सुरक्षा या अंदरूनी जानकारी का दावा करने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहना चाहिए। खासकर यदि किसी व्यक्ति को किसी अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप पर निवेश करने, निजी खाते में पैसा भेजने या वास्तविक एक्सचेंज से बाहर लेनदेन करने के लिए कहा जाए, तो यह ठगी का बड़ा संकेत हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले प्लेटफॉर्म, कंपनी, लाइसेंस और भुगतान व्यवस्था की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना ही ऐसी ठगी से बचने का सबसे मजबूत तरीका है।
