पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति से कथित तौर पर नकली सोने के जेवर के बदले ₹6 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों ने पहले करीब सात दिन तक ग्राहक बनकर पीड़ित का भरोसा जीता और फिर उसे खुदाई के दौरान मिले सोने के जेवर बेचने की झूठी कहानी सुनाई। आरोपियों ने कथित तौर पर सोने की माला के बदले ₹6 लाख का सौदा किया और रकम लेने के बाद नकली जेवर छोड़कर फरार हो गए।
पीड़ित रायपुर रानी निवासी छोटेलाल ने अब मामले की शिकायत पंचकूला के DCP कार्यालय में की है। उसके मुताबिक, दोनों संदिग्ध कई दिनों तक उसकी रेहड़ी पर छोले-कुलचे खाने आते रहे। लगातार आने और सामान्य तरीके से बातचीत करने के कारण पीड़ित को उन पर भरोसा हो गया। इसी भरोसे का कथित तौर पर फायदा उठाकर दोनों ने उसे ठगी का शिकार बनाया।
सात दिन तक ग्राहक बनकर बनाया भरोसा
छोटेलाल के अनुसार, दोनों संदिग्ध करीब सात दिनों तक उसकी रेहड़ी पर आते रहे। इस दौरान वे उससे बातचीत करते और सामान्य ग्राहकों की तरह व्यवहार करते थे। लगातार आने-जाने से दोनों की पहचान बढ़ गई और पीड़ित को उन पर संदेह नहीं हुआ।
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आरोप है कि 10 अगस्त को दोनों ने छोटेलाल को बताया कि उन्हें किसी जगह खुदाई के दौरान सोने के जेवर मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि जेवर मिलने के बाद ठेकेदार उनके पीछे पड़ा हुआ है और वे मामला सामने आने से पहले इन जेवरों को किसी को बेचकर वहां से निकलना चाहते हैं।
अपनी बात पर भरोसा दिलाने के लिए दोनों ने कथित तौर पर सोने के दो मनके जांच कराने के लिए छोटेलाल को दिए। पीड़ित उन मनकों को स्थानीय सुनार के पास ले गया।
नमूने की जांच के बाद ₹6 लाख का सौदा
पीड़ित के मुताबिक, सुनार ने दोनों मनकों को सोना बताया। इसके बाद छोटेलाल को दोनों आरोपियों की कहानी पर और भरोसा हो गया। बातचीत के बाद कथित तौर पर छह लाख रुपये में जेवर का सौदा तय हुआ।
छोटेलाल ने आरोप लगाया कि उसने रकम जुटाने के लिए अपना घर तक गिरवी रखा। इसके बाद उसने दोनों संदिग्धों को ₹6 लाख दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद दोनों ने उसे सोने की माला और अन्य जेवर बताए गए सामान सौंप दिए और वहां से चले गए।
दोनों के जाने के बाद छोटेलाल जेवर लेकर दोबारा सुनार के पास पहुंचा। इस बार सुनार ने जेवर देखते ही उन्हें नकली बताया। यह सुनकर पीड़ित को कथित ठगी का पता चला और उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
तीन-चार दिन तक किसी को नहीं बताया
अचानक हुई इस कथित ठगी के बाद छोटेलाल ने तीन-चार दिनों तक घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। बाद में उसने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी और पंचकूला के DCP कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने शिकायत में दोनों संदिग्धों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए CCTV फुटेज का भी हवाला दिया है। CCTV में दोनों संदिग्ध उसके पास आते-जाते दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस अब फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है।
पुलिस अपने स्तर पर कर रही जांच
रायपुर रानी थाना पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने अभी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। DCP कार्यालय से भी शिकायत थाने तक पहुंचने की पुष्टि तत्काल नहीं हुई थी। इसके बावजूद पुलिस ने अपने स्तर पर मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
पुलिस पीड़ित से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर संदिग्धों की पहचान, CCTV फुटेज और ठगी में इस्तेमाल किए गए जेवरों की जांच करेगी। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले असली सोने के नमूने के जरिए भरोसा बनाया और बाद में नकली जेवर देकर रकम हासिल की।
मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित से विस्तृत जानकारी लेने और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद घटना का पूरा खुलासा किया जा सकेगा। फिलहाल दोनों संदिग्धों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
