कथित तौर पर चरणबद्ध तरीके से ₹1.13 करोड़ निवेश कराया गया, साझेदारी देने के बजाय रकम हड़पने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

₹1.13 करोड़ निवेश धोखाधड़ी: बंद फैक्ट्री के कबाड़ कारोबार में साझेदारी का झांसा देकर रिश्तेदार पर ठगी का आरोप

Roopa
By Roopa
5 Min Read

मोरबी: गुजरात के मोरबी जिले में बंद पड़ी फैक्ट्री के कबाड़ की खरीद-फरोख्त में साझेदारी दिलाने का लालच देकर ₹1.13 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, पीड़ित से उसके ही रिश्तेदार ने बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाकर चरणबद्ध तरीके से निवेश कराया, लेकिन बाद में न तो कारोबार में हिस्सेदारी दी गई और न ही निवेश की गई राशि लौटाई गई। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मोरबी के आलाप पार्क क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय संजयभाई अंबारामभाई सानंदिया ने अपने रिश्तेदार गौरव जयंतीलाल डढाणिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि जिस पेपर मिल में वह भागीदार थे, उसके बंद हो जाने के बाद वह नए व्यवसाय की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने उनसे संपर्क कर एक कथित लाभदायक कारोबारी अवसर का प्रस्ताव रखा।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि अमरेली स्थित राधेश्याम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड नामक बंद फैक्ट्री का पूरा कबाड़ खरीदने के लिए लगभग ₹8.71 करोड़ का समझौता किया गया है और इस कारोबार में निवेश करने पर अच्छा लाभ होगा। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि इसके लिए करीब सवा करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जिसे एकमुश्त देने के बजाय किस्तों में भी जमा कराया जा सकता है। आरोपी के भरोसे और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर विश्वास करते हुए पीड़ित ने समय-समय पर कुल ₹1.13 करोड़ की राशि उसे सौंप दी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में जब पीड़ित अमरेली स्थित बंद फैक्ट्री परिसर में धनराशि जमा कराने के दौरान पहुंचे तो उन्हें पूरे लेनदेन पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने आरोपी से निवेश का पूरा हिसाब-किताब और साझेदारी से संबंधित जानकारी मांगी। आरोप है कि उस समय आरोपी ने कहा कि यदि वह इस व्यवसाय में भागीदार नहीं रहना चाहते तो उनकी पूरी राशि लौटा दी जाएगी और उपयोग की गई रकम पर ब्याज भी दिया जाएगा।

Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference

हालांकि, शिकायत के अनुसार, बाद में जब पीड़ित ने व्यक्तिगत रूप से आरोपी से मुलाकात कर अपनी रकम वापस मांगी तो उसका रवैया पूरी तरह बदल गया। आरोप है कि आरोपी ने साफ तौर पर पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह कोई राशि वापस नहीं देगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने भविष्य में पैसे की मांग करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी।

घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस का रुख किया। प्रारंभिक जांच के बाद मोरबी ए डिवीजन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा धमकी देने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित निवेश योजना वास्तव में अस्तित्व में थी या नहीं, प्रस्तुत किए गए दस्तावेज कितने प्रामाणिक थे और निवेश की राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।

जांच एजेंसियां कथित वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड, समझौते से जुड़े दस्तावेज तथा दोनों पक्षों के बीच हुए आर्थिक व्यवहार की विस्तार से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कथित धोखाधड़ी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े निवेश या साझेदारी प्रस्ताव में धन लगाने से पहले संबंधित अनुबंध, स्वामित्व दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कारोबारी दावों का स्वतंत्र सत्यापन करना आवश्यक है। केवल व्यक्तिगत परिचय या रिश्तेदारी के आधार पर बड़ी रकम निवेश करने से वित्तीय जोखिम बढ़ सकता है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी आकर्षक निवेश प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और संदेह होने पर तुरंत संबंधित एजेंसियों से संपर्क करें।

हमसे जुड़ें

Share This Article