ED ने फर्जी टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मामले में ₹187.13 करोड़ मूल्य की संपत्तियां कुर्क की हैं।

₹1,200 करोड़ के अमीरा फूड्स बैंक ऋण घोटाले में सिंगापुर के खातों में जमा ₹94.76 करोड़ कुर्क: फरार प्रमोटरों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

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By Roopa
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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित ₹1,200 करोड़ के अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड बैंक ऋण धोखाधड़ी एवं मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंगापुर के बैंक ऑफ सिंगापुर में जमा लगभग 10.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹94.76 करोड़) की विदेशी बैंक धनराशि को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैच) कर दिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, इस ताजा कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर लगभग ₹226.26 करोड़ हो गया है।

ईडी ने बताया कि कुर्क की गई बैंक धनराशि मुख्य आरोपी करण ए. चनाना, अमीरा फूड्स पीटीई. लिमिटेड तथा अनन्नत्या पीटीई. लिमिटेड के नाम पर संचालित खातों में जमा थी। एजेंसी के अनुसार, विदेशी बैंक खातों को कुर्क करने संबंधी आदेश यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर के साथ पारस्परिक विधिक सहायता संधि (एमएलएटी) व्यवस्था तथा अन्य उपलब्ध कानूनी माध्यमों के जरिए संबंधित पक्षों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से विदेशों में मौजूद कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों तक पहुंच बनाना संभव हुआ।

ईडी की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटरों, निदेशकों, कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों ने बैंक ऋण राशि का कथित रूप से गबन, दुरुपयोग, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी कर कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम को लगभग ₹1,201.85 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। कंपनी मुख्य रूप से ब्रांडेड पैकेज्ड खाद्य उत्पादों, विशेषकर बासमती चावल के निर्माण और विपणन के कारोबार से जुड़ी थी।

जांच में ईडी को पता चला कि अमीरा फूड्स समूह ने कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम से लगभग ₹1,201.85 करोड़ के ऋण और कैश क्रेडिट सुविधाएं प्राप्त की थीं। एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2017 के दौरान ये ऋण खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदल गए। जांच में आरोप है कि कंपनी और उसके प्रमोटरों ने जटिल वित्तीय लेनदेन के जरिए ऋण राशि को कथित रूप से अन्यत्र स्थानांतरित किया और अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने का प्रयास किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ईडी इस मामले में 21 व्यक्तियों, कंपनियों और संस्थाओं के विरुद्ध पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत भी दायर कर चुकी है।

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इससे पहले मार्च 2024 में ईडी ने लगभग ₹131.51 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था, जिसे बाद में पीएमएलए के तहत सक्षम निर्णायक प्राधिकरण ने भी पुष्टि प्रदान की। अब सिंगापुर स्थित विदेशी बैंक खातों में जमा ₹94.76 करोड़ की धनराशि कुर्क होने के बाद इस मामले में कुल अटैच संपत्तियों का मूल्य लगभग ₹226.26 करोड़ तक पहुंच गया है। एजेंसी का कहना है कि कथित अपराध से अर्जित परिसंपत्तियों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित करने की कार्रवाई लगातार जारी है।

फरार आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (एफईओए) के तहत की गई जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी करण ए. चनाना और अनीता डाइंग भारत छोड़कर क्रमशः यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे थे तथा कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए वापस नहीं लौटे। इसके बाद दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत, राउज एवेन्यू, नई दिल्ली में दोनों को फरार आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया।

विशेष अदालत ने 6 फरवरी 2026 के अपने आदेश में करण ए. चनाना, जो अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रहे हैं, तथा कंपनी की पूर्णकालिक निदेशक अनीता डाइंग को फरार आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया। अदालत ने उनके तथा उनसे जुड़े व्यक्तियों की करनाल और फरीदाबाद स्थित लगभग ₹123 करोड़ मूल्य की 46 अचल संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया।

ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी घरेलू और विदेशी वित्तीय लेनदेन, बैंकिंग रिकॉर्ड, कॉर्पोरेट दस्तावेजों और अन्य परिसंपत्तियों की जांच कर कथित मनी ट्रेल का पूरा पता लगाने का प्रयास कर रही है। यदि जांच के दौरान अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों का पता चलता है तो आगे भी कुर्की और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और संबंधित आरोपियों को कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार प्राप्त है।

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