कुआलालंपुर/जोहोर: मलेशिया पुलिस ने दक्षिणी राज्य जोहोर के फॉरेस्ट सिटी परियोजना में संचालित दो कथित अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन साइबर ठगी सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 335 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये गिरोह क्रिप्टोकरेंसी निवेश और रोमांस स्कैम के जरिए मुख्य रूप से चीन और इंडोनेशिया के नागरिकों को निशाना बना रहे थे। इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से विवादों में रही फॉरेस्ट सिटी परियोजना एक बार फिर जांच एजेंसियों के फोकस में आ गई है।
जोहोर पुलिस प्रमुख अब्दुल रहमान अरसद के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में 309 चीनी नागरिक, 19 इंडोनेशियाई, चार म्यांमार के नागरिक और तीन मलेशियाई शामिल हैं। आरोपियों की उम्र 20 से 58 वर्ष के बीच बताई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित साइबर ठग संभावित पीड़ितों से संपर्क करने के लिए टेलीग्राम, व्हाट्सएप और टिकटॉक जैसे मैसेजिंग एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद उन्हें आकर्षक निवेश योजनाओं और ऑनलाइन रिश्तों के नाम पर जाल में फंसाकर आर्थिक ठगी की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 15 जुलाई को की गई समन्वित छापेमारी का हिस्सा थी। अधिकारियों ने फॉरेस्ट सिटी स्थित 27 अपार्टमेंट और पांच बंगलों पर एक साथ छापे मारे। तलाशी के दौरान 313 कंप्यूटर, 1,557 मोबाइल फोन और लगभग 10 लाख मलेशियाई रिंगिट मूल्य की एक एसयूवी जब्त की गई। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क, पीड़ितों और वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरोह संगठित तरीके से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता था। कथित तौर पर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले विश्वास कायम किया जाता था, फिर उन्हें क्रिप्टो निवेश में भारी मुनाफे या ऑनलाइन रिश्तों के बहाने धन भेजने के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य देशों में सक्रिय साइबर अपराध गिरोहों से जुड़े हैं या नहीं।
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यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब फॉरेस्ट सिटी परियोजना पहले से ही कई अन्य मामलों को लेकर चर्चा में है। हाल ही में मलेशियाई अधिकारियों ने तकनीकी निवेशक बालाजी श्रीनिवासन की नेटवर्क स्कूल परियोजना को लाइसेंस संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप में संचालन बंद करने का आदेश दिया था। इसके अलावा पासपोर्ट के कथित दुरुपयोग और आव्रजन नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। हालांकि जोहोर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन स्कैम सिंडिकेट के खिलाफ की गई मौजूदा कार्रवाई का नेटवर्क स्कूल मामले से कोई संबंध नहीं है।
फॉरेस्ट सिटी चीन की रियल एस्टेट कंपनी कंट्री गार्डन होल्डिंग्स द्वारा विकसित लगभग 100 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे सिंगापुर के निकट कृत्रिम द्वीपों पर विकसित किया गया था। परियोजना को वर्षों से कमजोर संपत्ति बिक्री और निवेश संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हाल के वर्षों में यहां प्रौद्योगिकी कंपनियों और वित्तीय सेवा संस्थानों को आकर्षित करने के प्रयास भी किए गए हैं।
प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि क्रिप्टो निवेश और रोमांस स्कैम आज सीमा पार संचालित होने वाले सबसे तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों में शामिल हैं। उनके अनुसार, अपराधी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पहले भरोसा बनाते हैं और फिर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म या भावनात्मक संबंधों का सहारा लेकर पीड़ितों से बड़ी रकम ठग लेते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में धन लगाने या इंटरनेट पर बने नए संबंधों के आधार पर वित्तीय लेनदेन करने से पहले संबंधित व्यक्ति, कंपनी और प्लेटफॉर्म का स्वतंत्र सत्यापन अवश्य करें।
मलेशियाई पुलिस अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, संचार रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से एशिया के कई देशों में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और जांच के आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
