मुंबई में अज्ञात साइबर अपराधियों ने मोबाइल और क्रेडिट कार्ड तक कथित तौर पर बनाई अनधिकृत पहुंच; विदेशी एयरलाइन के नाम पर हुए संदिग्ध लेनदेन के बाद एफआईआर दर्ज, साइबर सेल डिजिटल सुरागों की जांच में जुटी

बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी साइबर ठगी की शिकार, कुछ ही मिनटों में क्रेडिट कार्ड से ₹2.43 लाख उड़ाए

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By Roopa
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मुंबई: साइबर अपराधियों के निशाने पर अब आम लोगों के साथ-साथ फिल्मी हस्तियां भी लगातार आ रही हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता कीर्ति कुल्हारी मुंबई में साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं। अज्ञात जालसाजों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन और क्रेडिट कार्ड तक अनधिकृत पहुंच बनाकर कुछ ही मिनटों में ₹2,43,852 की धोखाधड़ी कर दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि साइबर सेल बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, कीर्ति कुल्हारी उस समय अंधेरी पश्चिम स्थित एक मल्टीप्लेक्स में मौजूद थीं, जब उन्हें अपने बैंक से एक विदेशी लेनदेन का अलर्ट मिला। संदेश में बताया गया कि उनके क्रेडिट कार्ड से एरोमेक्सिको एयरलाइंस के नाम पर 2,525 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया है। यह लेनदेन उनके द्वारा नहीं किया गया था, जिससे उन्हें तत्काल साइबर ठगी की आशंका हुई।

संदिग्ध ट्रांजैक्शन का अलर्ट मिलते ही अभिनेत्री ने बिना देर किए अपने बैंक के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। बैंक अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि उनके क्रेडिट कार्ड से कुल चार बड़े अनधिकृत लेनदेन किए गए थे। संभावित नुकसान को रोकने के लिए बैंक ने तत्काल कार्ड को ब्लॉक कर दिया, जिससे आगे होने वाले किसी भी संदिग्ध भुगतान को रोका जा सका।

शिकायत में कीर्ति कुल्हारी ने स्पष्ट किया कि उनके क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड पूरी तरह गोपनीय था और उन्होंने इसे किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने किसी मैलवेयर, स्पाइवेयर या अन्य साइबर तकनीक के जरिए उनके मोबाइल फोन अथवा कार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल की होगी। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साइबर सेल बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर, डिजिटल लॉग, आईपी एड्रेस, भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अपराधियों ने किस माध्यम से कार्ड की जानकारी हासिल की और लेनदेन किस डिजिटल नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया गया।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी अब केवल ओटीपी या फर्जी कॉल के जरिए ही नहीं, बल्कि मैलवेयर, स्पाइवेयर, फिशिंग लिंक और डेटा लीक के माध्यम से भी बैंकिंग जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी खाते या कार्ड से जुड़ा कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन अलर्ट मिले तो तुरंत बैंक से संपर्क कर कार्ड ब्लॉक कराना चाहिए और बिना पुष्टि किसी भी लिंक पर क्लिक करने या अज्ञात ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फोन और बैंकिंग ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट रखना, केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करना, सार्वजनिक वाई-फाई पर वित्तीय लेनदेन से बचना तथा रियल-टाइम ट्रांजैक्शन अलर्ट सक्रिय रखना साइबर ठगी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।

इस बीच, साइबर ठगी की घटना के बावजूद कीर्ति कुल्हारी अपने पेशेवर जीवन में सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने बतौर निर्माता अपनी पहली फीचर फिल्म की शूटिंग पूरी होने की जानकारी साझा की थी और इसे अपने करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया था। वहीं, पुलिस को उम्मीद है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकेगा।

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