गुजरात के भावनगर जिले में कथित निवेश धोखाधड़ी का मामला अब बड़े वित्तीय घोटाले के रूप में सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार दो चचेरे भाइयों पर निवेशकों को शेयर बाजार में 20% रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये जुटाने और फरार होने का आरोप है। शुरुआती शिकायतें लगभग ₹1.29 करोड़ की हैं, जबकि कई पीड़ितों का दावा है कि कथित घोटाले की वास्तविक राशि ₹300 करोड़ से ₹400 करोड़ तक हो सकती है।
मुख्य आरोपियों और पूछताछ
जांच में मुख्य आरोपियों की पहचान योगेश धामेचा और संजय धामेचा के रूप में हुई है। स्थानीय अपराध शाखा के अनुसार, दोनों 13 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित निवेश नेटवर्क कैसे संचालित किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
निवेशकों और एजेंट नेटवर्क
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने नए निवेशकों से जुटाई गई धनराशि का उपयोग पुराने निवेशकों को 20% रिटर्न देने के लिए किया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया। कथित निवेश नेटवर्क लगभग 30–35 गांवों में फैला हुआ था और इसमें लगभग 100 से 150 एजेंट शामिल थे। एजेंटों ने निवेशकों को दस्तावेज दिखाकर योजना की विश्वसनीयता का आभास कराया।
जांच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अब कथित धन प्रवाह, बैंक खातों, निवेश रिकॉर्ड और एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है। फ्यूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन के अनुसार, ऐसे पोंजी और उच्च रिटर्न वाले निवेश घोटाले आमतौर पर अवास्तविक लाभ के वादों, एजेंट नेटवर्क और पुराने निवेशकों से नए निवेशकों की राशि लेने के मॉडल पर आधारित होते हैं।
पुलिस ने कहा कि अधिक से अधिक पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान कथित घोटाले की वास्तविक राशि, धन के प्रवाह और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण किया जाएगा।
