भारत से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान में अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली जांच के बाद की गई, जिसमें लक्षित हत्याएं, उगाही, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर संगठित अपराधों की जांच की जा रही थी।
अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित संघीय अभियोजकों के अनुसार, मंगलवार को सार्वजनिक किए गए तीन अलग-अलग संघीय अभियोगों (Federal Indictments) में कुल 37 आरोपियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि ये आपराधिक नेटवर्क कई देशों में सक्रिय थे और उत्तर अमेरिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में हिंसक अपराधों को अंजाम देते थे।
इन अभियोगों में से एक वर्ष 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर कनाडाई सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से संबंधित है। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि इस हत्या की साजिश लॉरेंस बिश्नोई और सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने रची थी। लॉरेंस बिश्नोई वर्ष 2015 से भारत की जेल में बंद है, जबकि गोल्डी बराड़ अब भी फरार बताया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि बिश्नोई गिरोह के सदस्य धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को हिंसा और धमकियों के जरिए निशाना बनाते थे तथा बाद में समुदाय के लोगों से उगाही करते थे। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, गिरोह ने दिसंबर और जनवरी के दौरान कैलिफोर्निया में एक पीड़ित से लगभग ₹43 करोड़ (करीब 50 लाख अमेरिकी डॉलर) की उगाही की मांग भी की थी।
संयुक्त अभियान के दौरान जांच एजेंसियों ने लगभग 1,000 किलोग्राम कोकीन, करीब 1 किलोग्राम हेरोइन, लगभग ₹34 लाख (करीब 40,000 अमेरिकी डॉलर) नकद तथा एक दर्जन से अधिक आग्नेयास्त्र भी बरामद किए। अधिकारियों का मानना है कि यह बरामदगी कथित आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों का केवल एक हिस्सा है।
इस जांच में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI), लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD), रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) तथा अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) सहित कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से काम किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग देखने को मिला।
अमेरिका के फर्स्ट असिस्टेंट यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा कि हिंसा, मादक पदार्थों की तस्करी और उगाही में शामिल अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों को समाप्त करने के लिए संघीय एजेंसियां पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं होगा और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव भी बढ़ गया था। वर्ष 2024 में कनाडा ने इस मामले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार कर उन पर आरोप तय किए थे और यह मामला अभी कनाडाई अदालतों में विचाराधीन है।
कनाडा सरकार ने बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया है, जिसके तहत उससे जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने और वित्तीय परिसंपत्तियों को फ्रीज करने का कानूनी अधिकार एजेंसियों को प्राप्त है।
अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दायर ये नए अभियोग भारत से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्रवाइयों में से एक माने जा रहे हैं। विभिन्न देशों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों, वित्तीय लेनदेन, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और कथित आपराधिक संपत्तियों की भी जांच जारी रखेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सीमा-पार कानून प्रवर्तन सहयोग, वित्तीय जांच और विभिन्न देशों के बीच न्यायिक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकता है।
