आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में बढ़ते वैश्विक प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच चीन ने अमेरिकी AI कंपनी Anthropic के कोडिंग टूल Claude Code को लेकर गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। चीन के नेशनल वल्नरेबिलिटी डेटाबेस (NVDB) ने दावा किया है कि Claude Code के कुछ संस्करणों में कथित रूप से ऐसा “बैकडोर” मौजूद है, जो उपयोगकर्ताओं की जानकारी के बिना संवेदनशील डेटा, जैसे पहचान और लोकेशन संबंधी जानकारी, दूरस्थ सर्वरों तक भेज सकता है।
चीन के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MIIT) के अधीन संचालित NVDB ने बुधवार को जारी अपनी एडवाइजरी में Claude Code के संस्करण 2.1.91 से 2.1.196 तक को प्रभावित बताया। एजेंसी ने सरकारी संस्थानों, कंपनियों और व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं को इन संस्करणों को तत्काल हटाने या नवीनतम संस्करण में अपग्रेड करने की सलाह दी है।
NVDB के अनुसार, इन संस्करणों में कथित रूप से एक अंतर्निहित मॉनिटरिंग मैकेनिज्म मौजूद था, जो उपयोगकर्ताओं की जानकारी के बिना बाहरी सर्वरों को डेटा भेजने में सक्षम हो सकता है। चीन ने इसे गंभीर साइबर सुरक्षा जोखिम बताते हुए संगठनों से डेवलपर टूल्स की बाहरी नेटवर्क एक्सेस सीमित करने और नेटवर्क ट्रैफिक की निगरानी बढ़ाने की भी सिफारिश की है।
हालांकि, Anthropic ने चीन की इस चेतावनी पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब Anthropic और चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी Alibaba के बीच AI मॉडल सुरक्षा और डेटा उपयोग को लेकर विवाद पहले से ही गहराया हुआ है। हाल ही में Anthropic ने अमेरिकी सीनेट की एक समिति को भेजे पत्र में आरोप लगाया था कि Alibaba से जुड़े ऑपरेटरों ने कथित रूप से उसके AI मॉडल की क्षमताओं को निकालने (Model Distillation) के लिए लगभग 25,000 फर्जी खातों का उपयोग करते हुए अप्रैल से जून के बीच करीब 2.9 करोड़ इंटरैक्शन किए।
दूसरी ओर, Alibaba ने भी अपने कर्मचारियों को 10 जुलाई से कार्यस्थल पर Claude Code का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने Claude Code को उच्च जोखिम वाले सॉफ्टवेयर की सूची में शामिल करते हुए कर्मचारियों से अपने स्वयं के AI कोडिंग असिस्टेंट Qoder का उपयोग करने को कहा है।
इस विवाद की पृष्ठभूमि में पिछले सप्ताह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक पोस्ट में दावा किया गया था कि Anthropic ने Claude Code में ऐसा कोड जोड़ा था, जो चीन से उपयोग की पहचान करने के लिए बनाया गया था। बाद में कंपनी के एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह व्यवस्था अनधिकृत पुनर्विक्रेताओं की पहचान करने और AI मॉडल की अनधिकृत प्रतिकृति (Model Distillation) रोकने के उद्देश्य से एक प्रयोग का हिस्सा थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल एक साइबर सुरक्षा चेतावनी तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका और चीन के बीच AI तकनीक, डेटा सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी संकेत देता है। दोनों देशों के बीच AI उपकरणों के उपयोग और सुरक्षा मानकों को लेकर बढ़ता तनाव भविष्य में सीमा-पार AI सेवाओं और तकनीकी सहयोग को भी प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल न तो Anthropic और न ही Alibaba ने चीन की नवीनतम सुरक्षा चेतावनी के बाद कोई नया आधिकारिक बयान जारी किया है। ऐसे में यह मामला वैश्विक AI उद्योग में डेटा सुरक्षा, साइबर जोखिम और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर नई बहस को जन्म देता दिखाई दे रहा है।
