अमेरिका में पूर्व कॉलेज बास्केटबॉल खिलाड़ी केर क्रीसा (25) पर लगभग 22 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब ₹19 करोड़) की कथित वायर फ्रॉड साजिश चलाने का आरोप लगा है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, संघीय ग्रैंड जूरी द्वारा अभियोग (इंडाइटमेंट) दायर किए जाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर आरोप है कि उसने कई वर्षों तक फर्जी पहचान और काल्पनिक पारिवारिक संकट की कहानियां गढ़कर लोगों को धोखे में रखा और उनसे बड़ी रकम हासिल की।
संघीय अभियोजकों के अनुसार, आरोपी वर्ष 2022 से 2026 के बीच वेस्ट वर्जीनिया में सक्रिय रहा। जांच में आरोप लगाया गया है कि उसने अलग-अलग व्यक्तियों का रूप धारण किया, कभी काल्पनिक लोगों की पहचान बनाई तो कभी अपने वास्तविक रिश्तेदारों का नाम इस्तेमाल किया। अभियोजन पक्ष का दावा है कि आरोपी ने पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया कि वह और उसका परिवार गंभीर संकट में है, उसकी मां कैंसर से जूझ रही है या पारिवारिक संपत्ति को तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। इन कथित झूठे दावों के आधार पर उसने लगातार धनराशि मंगवाई।
अभियोग के अनुसार, आरोपी ने दो पीड़ितों से कई बार भुगतान प्राप्त किया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने एक पीड़ित को दूसरे पीड़ित के पास धन भेजने के लिए भी कथित रूप से झूठे बहाने बनाए, ताकि पूरी योजना वास्तविक और विश्वसनीय दिखाई दे। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस कथित साजिश में अनेक ईमेल और टेक्स्ट संदेशों का इस्तेमाल किया गया। आरोप पत्र में पांच विशिष्ट वायर ट्रांसमिशन को आपराधिक आरोपों का आधार बनाया गया है।
अमेरिकी न्याय विभाग के बयान के अनुसार, ग्रैंड जूरी ने 2 जून 2026 को आरोपी के खिलाफ पांच मामलों में वायर फ्रॉड का अभियोग दायर किया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया और इस सप्ताह संघीय अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मामले की सुनवाई अमेरिकी संघीय न्यायालय में होगी, जहां अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप है कि अप्रैल 2025 में आरोपी ने एक पीड़ित के साथ लिखित समझौता किया था, जिसमें फरवरी 2026 तक 1 लाख अमेरिकी डॉलर लौटाने का वादा किया गया था। हालांकि अभियोजकों का दावा है कि यह आश्वासन भी कथित रूप से भ्रामक था और भुगतान नहीं किया गया।
अमेरिकी अटॉर्नी मैथ्यू एल. हार्वे ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी जैसी योजनाएं लोगों के विश्वास को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं और उन व्यक्तियों को वास्तविक नुकसान पहुंचाती हैं, जो यह मानकर सहायता करते हैं कि सामने वाला व्यक्ति सचमुच संकट में है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में धोखाधड़ी के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाए जाएंगे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी अमेरिका के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की कॉलेज बास्केटबॉल टीमों का हिस्सा रह चुका है। उसने यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना, वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ केंटकी और यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के लिए खेला था। अभियोजन पक्ष ने अदालत से कथित अपराध से प्राप्त लगभग 22 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि जब्त करने की भी मांग की है।
फिलहाल मामला न्यायालय में लंबित है। अभियोग में लगाए गए सभी आरोप अभियोजन पक्ष के दावे हैं और इन पर अभी अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है। आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
