कोका-कोला और उसके सह-उत्पादों से जुड़ी एक कंपनी के पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ ₹69 लाख के कथित गबन और धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व कर्मचारियों ने नौकरी के दौरान कंपनी का गोपनीय ग्राहक डेटा हासिल किया, कंपनी के लैपटॉप से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड इस तरह हटाए कि उन्हें दोबारा रिकवर न किया जा सके, और सेवा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद प्रतिद्वंद्वी फर्में शुरू कर दीं। कंपनी ने दावा किया है कि इन गतिविधियों के कारण उसे लगभग ₹200 करोड़ का कारोबारी नुकसान हुआ।
कंपनी के लीगल मैनेजर देवेश कपूर की शिकायत पर आगरा के हरीपर्वत थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में पूर्व सेल्स मैनेजर जसप्रीत पुरी, पूर्व एरिया सेल्स मैनेजर भरत कुमार जैन तथा अन्य के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और गबन सहित विभिन्न आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, जसप्रीत पुरी ने कंपनी में 12 वर्ष 9 माह तक कार्य किया और जुलाई 2025 में इस्तीफा देने के बाद ‘जैज इंटरप्राइजेज’ नाम से नई फर्म स्थापित की। वहीं भरत कुमार जैन ने कंपनी में 10 वर्ष 7 माह तक सेवाएं देने के बाद अप्रैल 2025 में नौकरी छोड़ी और ‘पवन इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म शुरू की। आरोप है कि दोनों ने कंपनी में लंबे समय तक काम करने के दौरान बने वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ग्राहकों से अपने संपर्कों का कथित रूप से अनुचित लाभ उठाया।
कंपनी का आरोप है कि दोनों पूर्व कर्मचारियों ने गोपनीय ग्राहक जानकारी का दुरुपयोग किया और कंपनी के लैपटॉप से महत्वपूर्ण डेटा स्थायी रूप से हटाने का प्रयास किया ताकि उसे पुनः प्राप्त न किया जा सके। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसके बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी कारोबार शुरू कर कंपनी के व्यापार को नुकसान पहुंचाया।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए हाथरस रोड, टेढ़ी बगिया, पथौली तथा मलपुरा क्षेत्र के शमशाबाद रोड स्थित चार गोदामों पर छापेमारी की। जांचकर्ताओं के अनुसार, हाथरस रोड और मलपुरा के गोदामों से बड़ी मात्रा में ऐसा माल बरामद हुआ, जिसे अन्य राज्यों से लाया गया था और जिसकी आगरा में बिक्री की वैधता की जांच की जा रही है।
कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि मामले से जुड़े कथित नेटवर्क के संबंध में मथुरा के सौंख रोड स्थित एकेए सिस्टम इंटरप्राइजेज सहित अन्य संस्थाओं के खिलाफ भी अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है। बरामद माल से संबंधित बिल, चालान और अन्य कानूनी दस्तावेज आरोपियों से मांगे गए हैं। उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
