कानपुर में फर्जी डिग्री और मार्कशीट रैकेट की जांच के दौरान पुलिस को दिल्ली से भेजा गया एक और पार्सल मिला है, जिसमें कथित रूप से सात फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस बरामदगी से मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका और मजबूत हुई है। इससे पहले जांच में कानपुर में फर्जी मार्कशीट छापकर दिल्ली भेजे जाने का मामला सामने आया था।
पुलिस के अनुसार, यह पार्सल ओखला स्थित एक कूरियर सेवा के माध्यम से कानपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित ‘सिद्धि विनायक एजुकेशनल फाउंडेशन’ के पते पर भेजा गया था। यह संस्थान कथित रूप से गोपाल से जुड़ा है, जिसे हाल ही में इस मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, पार्सल से सिक्किम ग्लोबल टेक्निकल यूनिवर्सिटी के नाम पर छह मार्कशीट और एक प्रोविजनल सर्टिफिकेट बरामद हुए। इनमें शशांक कुमार यादव के नाम से बीए के दो सेमेस्टर की मार्कशीट, बिसांत कुमार ओझा के नाम से एमबीए (मार्केटिंग) के चार सेमेस्टर की मार्कशीट तथा खांडे लक्ष्मण मधुकर के नाम से एक प्रोविजनल सर्टिफिकेट शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में सभी सात दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।
इससे पहले पुलिस ने बेकनगंज क्षेत्र में संचालित एक प्रिंटिंग प्रेस का भंडाफोड़ किया था, जहां कथित रूप से फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट तैयार की जाती थीं। उस कार्रवाई के दौरान बिजनौर भेजे जा रहे एक पार्सल से 59 कथित फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट बरामद किए गए थे। अब तक इस पूरे मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार दो प्रमुख आरोपियों—अमित कुमार सक्सेना और गोपाल—को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच के अनुसार, अमित कुमार सक्सेना के पास से 26 कथित फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और ₹4.53 लाख नकद बरामद किए गए थे। वहीं गोपाल के कब्जे से 33 कथित फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिलने का दावा किया गया है।
पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज किस स्तर पर तैयार किए गए, उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया गया और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की क्या भूमिका थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
