महाराष्ट्र के युवक से ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर ₹1.36 करोड़ की कथित साइबर ठगी की गई।

ऑनलाइन गेमिंग और निवेश घोटाला: महाराष्ट्र के युवक से कथित ₹1.36 करोड़ की ठगी, साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे पर चेतावनी

Team The420
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महाराष्ट्र के 26 वर्षीय एक युवक से ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर कथित तौर पर ₹1.36 करोड़ की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने ऊंचे और त्वरित मुनाफे का लालच देकर युवक को फर्जी ऑनलाइन गेमिंग और निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। यह मामला एक बार फिर उन संगठित साइबर गिरोहों की कार्यप्रणाली को उजागर करता है, जो लोगों को अधिक लाभ का झांसा देकर बड़ी रकम ठग रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय तक पीड़ित के संपर्क में रहे और उसे विश्वास दिलाया कि कुछ विशेष ऑनलाइन गेम और निवेश योजनाओं में पैसा लगाकर कम समय में अच्छा रिटर्न कमाया जा सकता है। इसके बाद कथित तौर पर युवक को कई वेबसाइटों पर पंजीकरण कराने और प्रारंभिक निवेश करने के लिए कहा गया।

जांच के अनुसार, अक्टूबर 2024 से 30 जून 2026 के बीच पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल लगभग ₹1.36 करोड़ ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी जमा राशि और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो वेबसाइट संचालकों ने पहले विभिन्न बहाने बनाकर भुगतान टाल दिया और बाद में उससे पूरी तरह संपर्क समाप्त कर दिया।

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साइबर जांचकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी आमतौर पर एक तय पैटर्न का पालन करती है। पहले साइबर अपराधी लोगों को अविश्वसनीय वेबसाइटों या ऐप पर पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करते हैं। शुरुआती निवेश के बाद स्क्रीन पर नकली लाभ दिखाकर उनका भरोसा जीता जाता है। इसके बाद पीड़ित को लगातार अधिक राशि निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जब वह अपनी रकम निकालना चाहता है, तब अपराधी या तो अतिरिक्त भुगतान की मांग करते हैं या फिर पूरी तरह गायब हो जाते हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऑनलाइन गेमिंग या निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और नियामकीय पंजीकरण की जांच अवश्य करनी चाहिए। कम समय में अत्यधिक या सुनिश्चित लाभ का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म और योजनाओं से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या अन्य माध्यमों से प्राप्त संदिग्ध लिंक, विज्ञापन या घर बैठे बड़ी कमाई के दावों पर भरोसा न करें। यदि किसी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म द्वारा व्यक्तिगत या अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजने के लिए कहा जाता है, तो इसे संभावित साइबर धोखाधड़ी का संकेत माना जाना चाहिए।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि वे इस प्रकार की किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हों या किसी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिले, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से धन की रिकवरी और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।

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