मेरठ पुलिस की साइबर सेल और नौचंदी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में फर्जी स्पा, मसाज सर्विस और टूर-ट्रैवल्स के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित सरगना यूनुस उर्फ अभिराज और उसकी गर्लफ्रेंड लीजा को गिरफ्तार किया है। मामले में गिरोह के पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से करीब ₹4.16 लाख नकद, आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक कार, चार सिम कार्ड और आधार कार्ड की प्रतियां बरामद की गई हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी यूनुस पहले एक स्पा सेंटर संचालित करता था। कथित तौर पर कानूनी कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर बंद होने पर उसने अपनी गर्लफ्रेंड लीजा के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क तैयार किया। आरोप है कि लोगों को गुमराह करने के लिए उसने अपनी पहचान छिपाते हुए ‘अभिराज’ नाम का इस्तेमाल किया।
जांच के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी स्पा और मसाज सेंटर के आकर्षक विज्ञापन जारी करते थे। इसके अलावा मेरठ के शास्त्रीनगर क्षेत्र में ‘यूनिवर्सल टूर एंड ट्रैवल्स’ के नाम से एक कार्यालय संचालित किया जा रहा था, जहां से कथित तौर पर फर्जी बुकिंग और विभिन्न सेवाओं के नाम पर लोगों से ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी एमबीए डिग्रीधारी है, जबकि उसकी सहयोगी ने होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों अपनी तकनीकी और व्यावसायिक समझ का उपयोग कर योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सोशल मीडिया विज्ञापन देखने के बाद संपर्क करने वाले ग्राहकों से पहले व्हाट्सएप पर बातचीत की जाती थी। इसके बाद उन्हें क्यूआर कोड भेजकर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था। पुलिस का आरोप है कि गिरोह हज यात्रा के नाम पर प्रति व्यक्ति ₹1 लाख से ₹2 लाख तक तथा मसाज सेवाओं के नाम पर ₹15,000 से ₹20,000 तक की राशि वसूलता था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, हापुड़ और सोनभद्र के अलावा हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था। पुलिस का दावा है कि आरोपी पिछले लगभग दो वर्षों से मेरठ स्थित कार्यालय से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे और इस अवधि में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही जब्त किए गए लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है। मामले की जांच जारी है और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
