केंद्र सरकार ने मंगलवार को डिजिटल सुशासन को नई गति देते हुए एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई (e-OCI) कार्ड लॉन्च किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इन दोनों डिजिटल पहलों का शुभारंभ करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना, नियामकीय प्रक्रियाओं को आधुनिक स्वरूप देना तथा नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनाना है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से विदेशी चंदे की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भी कई प्रक्रियात्मक सुविधाएं मिलेंगी।
गृह मंत्रालय के अनुसार, विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के तहत विकसित एफसीआरए 2.0 पोर्टल का उद्देश्य कागजी कार्यवाही को लगभग समाप्त करना, आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाना और विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले संगठनों की गतिविधियों पर रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म नियामकीय अनुपालन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी सरल और पारदर्शी बनाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ये दोनों पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन’ के विजन के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से ईमानदारी से काम करने वाले संगठनों और नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बना रही है, वहीं नियमों के दुरुपयोग और अनियमितताओं पर निगरानी को भी अधिक मजबूत किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले एफसीआरए से संबंधित अधिकांश प्रक्रियाएं कागजी फाइलों और जटिल प्रशासनिक व्यवस्था पर आधारित थीं, जिससे आवेदनों के निस्तारण में समय लगता था। उनके अनुसार, नया डिजिटल प्लेटफॉर्म इन पारंपरिक प्रक्रियाओं का स्थान लेकर अधिक तेज, पारदर्शी और एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराएगा, जिससे बढ़ती संख्या में आने वाले आवेदनों का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकेगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में वर्तमान समय में लगभग 14,500 सक्रिय एफसीआरए पंजीकृत संगठन कार्यरत हैं। हर वर्ष एफसीआरए के तहत पंजीकरण, नवीनीकरण और अन्य अनुमतियों से जुड़े लगभग 15,000 से 20,000 आवेदन प्राप्त होते हैं, जबकि करीब 17,000 वार्षिक विवरणियां भी जमा कराई जाती हैं। सरकार का कहना है कि नया पोर्टल इन सभी प्रक्रियाओं को अधिक तेज और पारदर्शी बनाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, एफसीआरए 2.0 पोर्टल को सरकार के मेघराज क्लाउड पर होस्ट किया गया है। इसे पैन, आधार, ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI), एनजीओ दर्पण, यूनिक डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (UDIN) और बैंकिंग प्रणाली सहित कई सरकारी डेटाबेस से जोड़ा गया है। इससे आवेदनों का सत्यापन तेज होगा, सूचनाओं की शुद्धता बढ़ेगी और विदेशी अंशदान की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि आने वाले महीनों में इस पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट, एक समर्पित मोबाइल ऐप तथा बैंकों के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड जैसी नई सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनसे उपयोगकर्ताओं को बेहतर सहायता मिलेगी और नियामकीय एजेंसियों तथा वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा।
अमित शाह ने इस अवसर पर ई-ओसीआई कार्ड भी लॉन्च किया। सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था से दुनिया भर में रहने वाले 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को लाभ मिलेगा। अब पूरी ओसीआई प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। साथ ही, 20 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट बनवाने पर ओसीआई बुकलेट दोबारा जारी कराने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे कार्डधारकों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी।
नए एफसीआरए 2.0 पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी दाखिल करने सहित सभी प्रमुख सेवाएं पूरी तरह डिजिटल होंगी। इसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-हस्ताक्षर (e-sign), ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) तथा एनजीओ दर्पण जैसी सुविधाओं का एकीकरण किया गया है, जिससे आवेदनों का निस्तारण तेज होगा और कागजी कार्यवाही में उल्लेखनीय कमी आएगी।
सरकार का कहना है कि एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ भारत की डिजिटल शासन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों का मानना है कि इन नई प्रणालियों से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन मजबूत होगा तथा विदेशी अंशदान की रियल-टाइम निगरानी के साथ नागरिकों को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
