तमिलनाडु के चेन्नई में केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने ₹23 लाख के कथित सरकारी नौकरी घोटाले में पूर्व मंत्री और DMK विधायक एसएस शिवशंकर को समन जारी किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के एंटी-करप्शन अभियान के तहत चल रही जांच के बीच एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है, जिसमें मामले की परतें अब तेजी से खुल रही हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसएस शिवशंकर को 1 जुलाई को सुबह 10 बजे पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। यह समन FIR नंबर 0061/2026 के तहत जारी किया गया है, जो 23 जून को चेन्नई CCB-I में दर्ज की गई थी। मामला एक सेवानिवृत्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर द्वारा दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि उसे सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ₹23 लाख की ठगी की गई।
शिकायतकर्ता एस. श्रीनिवासन ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात एलंचेजियान नामक व्यक्ति के जरिए पूर्व मंत्री से कराई गई थी। आरोप है कि एलंचेजियान ने खुद को 2023 में जब शिवशंकर परिवहन मंत्री थे, तब उनका निजी सहायक बताया और दावा किया कि उसकी मंत्री तक सीधी पहुंच है। इसी भरोसे के आधार पर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹23 लाख की मांग की गई।
श्रीनिवासन ने यह भी दावा किया है कि वह सचिवालय में शिवशंकर से मिला था, जहां कथित तौर पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि पैसे उचित तरीके से पहुंचाए जाएंगे और नौकरी सुनिश्चित कराई जाएगी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मंत्री ने कई बार फोन पर भी बातचीत की, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हुआ। हालांकि, पूर्व मंत्री ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और एलंचेजियान से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह कथित अपराध 25 मार्च 2023 से आगे की अवधि में हुआ बताया जा रहा है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (छलपूर्वक पहचान बदलकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति दिलाना) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी एलंचेजियान को 24 जून को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से जुड़ी संपत्तियों को भी जब्त और सील किया है। अधिकारी अब उसके बैंकिंग लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क और पैसे के प्रवाह का पता लगाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने FIR में यह भी कहा है कि यदि जांच में पूर्व मंत्री की भूमिका के सबूत मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि एलंचेजियान ने कथित रूप से राजनीतिक पहुंच का झूठा दावा कर कई लोगों को भरोसे में लिया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जैसे-जैसे वित्तीय और डिजिटल सबूत सामने आएंगे, और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क से कितने अन्य लोग जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस टीम अब बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इस कथित नौकरी घोटाले में किसकी क्या भूमिका रही है और पैसे का पूरा ट्रेल किस दिशा में गया।
