राजस्थान साइबर पुलिस ने ₹500 करोड़ के कथित साइबर निवेश घोटाले के मास्टरमाइंड को पुणे से गिरफ्तार किया है।

₹90 लाख के निवेश ठगी मामले में बड़ा खुलासा: व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ठगी करने वाले नेटवर्क के 3 आरोपी गिरफ्तार

Team The420
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बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने दो अलग-अलग निवेश ठगी मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को झांसे में लेकर भारी रिटर्न का लालच देकर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार पूरे मामले में लगभग ₹90 लाख की ठगी सामने आई है और जांच अभी जारी है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन निवेश ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया, खासकर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को निवेश के नाम पर झांसा देकर ठगी करता था।

पहले मामले में बागुईआटी निवासी एक व्यक्ति को ₹58.5 लाख की ठगी का शिकार बनाया गया। वहीं दूसरे मामले में राजारहाट के एक निवासी से ₹31.6 लाख की धोखाधड़ी की गई। दोनों मामलों में पीड़ितों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर “अत्यधिक और गारंटीड रिटर्न” का लालच दिया गया था।

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पुलिस के अनुसार, इन ग्रुप्स में लगातार नकली निवेश योजनाएं और लाभ के झूठे दावे साझा किए जाते थे, जिससे पीड़ित भरोसे में आकर बड़ी रकम निवेश कर देते थे।

बागुईआटी मामले में पीड़ित ने कई चरणों में कुल ₹58.5 लाख निवेश किया, लेकिन न तो कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। शिकायत 7 मई को दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। डिजिटल ट्रैकिंग और बैंकिंग लेनदेन की जांच के बाद पुलिस ने Wasim Akram और Surajit Mandal को गिरफ्तार किया।

दूसरे मामले में राजारहाट निवासी को भी इसी तरह एक व्हाट्सएप निवेश ग्रुप में जोड़कर ₹31.6 लाख निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। बाद में जब कोई रिटर्न नहीं मिला तो 7 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के आधार पर पुलिस ने Asim Chhetri को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की भूमिका और अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर सक्रिय था।

जांच एजेंसियां अब व्हाट्सएप चैट रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल लेनदेन के पूरे ट्रेल की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि गिरोह ने पैसे को कई खातों में घुमाकर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की थी।

अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले “गारंटीड रिटर्न” या “फिक्स्ड प्रॉफिट” जैसे निवेश ऑफर अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने और ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयास जारी हैं।

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