बेंगलुरु पुलिस ने वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 12 मिनीबस जब्त की हैं। यह रैकेट फर्जी और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन नंबरों का इस्तेमाल कर रोड टैक्स और अन्य सरकारी शुल्कों से बचने के लिए चलाया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय Syed Nazir, निवासी सब्बाशनगर, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और 52 वर्षीय Nagaraj, निवासी आनेकल (मूल रूप से तमिलनाडु) के रूप में हुई है।
मामला उस समय सामने आया जब पुलिस की रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान अधिकारियों ने एक ही सड़क पर दो स्वराज माजदा मिनीबस को एक जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ चलते हुए देखा। 23 जून को हेड कांस्टेबल ने मणिपाल काउंटी रोड पर एक वाहन को नंबर KA-51-B-5959 के साथ देखा। कुछ ही मिनटों बाद उसी नंबर की दूसरी मिनीबस गुजरती दिखी, जिससे शक गहरा गया।
पुलिस ने दोनों वाहनों का पीछा किया और उन्हें बेगुर लेक रोड के पास रोक लिया। पूछताछ में Syed Nazir ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि दोनों मिनीबस उसी की हैं और वह कई वाहनों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर रहा था ताकि टैक्स और अन्य शुल्कों से बच सके।
जांच में सामने आया कि Nazir एक हेवी व्हीकल मैकेनिक है, जो पुराने और स्क्रैप वाहनों की मरम्मत और रीपेंटिंग कर उन्हें फिर से सड़क पर उतारता था। वह इन वाहनों को अवैध रूप से चलाने के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करता था, जिनका उपयोग मुख्य रूप से गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारियों के परिवहन में किया जाता था।
आगे की जांच में Nagaraj की भूमिका भी सामने आई, जिस पर आरोप है कि वह वास्तविक वाहनों के रजिस्ट्रेशन विवरण उपलब्ध कराता था और बदले में कमीशन लेता था। इन्हीं जानकारियों के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
Nazir के बयान और जांच के आधार पर पुलिस ने Nagaraj को भी गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार इस फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी रोड टैक्स, पैसेंजर टैक्स और फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे कई वैधानिक शुल्कों की चोरी कर रहे थे।
पुलिस ने अब तक कुल 12 मिनीबस जब्त की हैं, जिनमें स्वराज माजदा, महिंद्रा और आयशर ब्रांड के वाहन शामिल हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अधिकारियों को आशंका है कि यह रैकेट केवल इन दो लोगों तक सीमित नहीं है और इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जिसमें कई अन्य लोग और डेटा मिसयूज से जुड़े मामले शामिल हो सकते हैं। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।
