सहारनपुर। अयोध्या स्थित राम मंदिर को कथित रूप से बम से उड़ाने की साजिश के मामले में कर्नाटक से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में भी जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। हिरासत में लिया गया युवक सुहैल सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद उसके परिवार और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम, डिजिटल साक्ष्यों और संभावित नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक के किसी स्थानीय, अंतरराज्यीय अथवा अन्य संदिग्ध संपर्क से संबंध थे या नहीं।
परिजनों के अनुसार सुहैल का परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से गंगोह नगर के कोटला मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहा है। उसके पिता लियाकत ने बताया कि परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके अपना जीवनयापन करता है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे की किसी भी कथित संदिग्ध गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। परिवार के मुताबिक सुहैल छह जून को अपने भाई शुएब के साथ एक ठेकेदार के माध्यम से कर्नाटक में रंगाई-पुताई का काम करने गया था और बाद में उसके हिरासत में लिए जाने की सूचना मिली।
परिवार का कहना है कि सुहैल ने मदरसे से केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और इसके बाद वह मजदूरी करने लगा। उसके भाई मुजम्मिल के अनुसार वह पहली बार काम के सिलसिले में इतने दूर गया था। इससे पहले वह गंगोह और आसपास के क्षेत्रों में ही काम करता था। परिवार ने दावा किया कि उन्हें उसके किसी भी कथित आतंकी गतिविधि या संदिग्ध संपर्क की कोई जानकारी नहीं थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि कर्नाटक में काम दिलाने के लिए सुहैल के आधार कार्ड में उसकी उम्र बढ़ाकर दर्ज कराई गई थी, क्योंकि संबंधित कंपनी कम उम्र के लोगों को काम पर नहीं रखती थी। परिवार के इस दावे की भी जांच एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन कर रही हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां सुहैल के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल संचार, ऑनलाइन गतिविधियों और विभिन्न राज्यों में संभावित संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या उसका किसी संगठित नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों से कोई संबंध था। विभिन्न तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण भी किया जा रहा है।
स्थानीय पुलिस ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार कर्नाटक में सहारनपुर निवासी युवक को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने के बाद उसके स्थानीय संपर्कों और गतिविधियों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर उपलब्ध सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं। अभी तक किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच पूरी होने और सक्षम न्यायालय में आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्ति को कानून के अनुसार आरोपी माना जाएगा, दोषी नहीं।
