लखनऊ। बहुचर्चित शाइन सिटी भूमि निवेश घोटाले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। करीब चार वर्षों से फरार चल रहे और ₹1 लाख के इनामी आरोपी मोहम्मद शमशाद अंसारी उर्फ गुड्डू को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी प्रयागराज के उतरांव क्षेत्र में जीटी रोड के पास की गई। आरोपी के खिलाफ भूमि और प्लॉट निवेश योजनाओं के नाम पर निवेशकों से कथित धोखाधड़ी करने के आरोप में कई मामले दर्ज हैं। सुल्तानपुर के कोतवाली नगर थाने में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी और उसकी गिरफ्तारी पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था।
जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार शमशाद अंसारी का प्रारंभिक पेशेवर जीवन मर्चेंट नेवी से जुड़ा रहा। बाद में वह रियल एस्टेट और भूमि निवेश कारोबार से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बन गया। अधिकारियों का कहना है कि उसने कथित तौर पर निवेशकों को भूमि और प्लॉट योजनाओं में निवेश के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मुलाकात वर्ष 2001 में शाइन सिटी नेटवर्क से जुड़े प्रमुख आरोपियों में से एक आसिफ नसीम से हुई थी। बाद में अधिक कमाई के लालच में वह वर्ष 2014 में इस कारोबार से जुड़ गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने सुल्तानपुर में कंपनी से संबद्ध एक इकाई में सहायक निदेशक के रूप में भी काम किया।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी उस नेटवर्क का हिस्सा था, जिस पर निवेशकों से जमीन और प्लॉट योजनाओं के नाम पर धन जुटाने तथा बाद में वादे के अनुरूप भूखंड या रिटर्न उपलब्ध नहीं कराने के आरोप हैं। वर्षों से चल रहे इस मामले में बड़ी संख्या में निवेशकों ने आर्थिक नुकसान की शिकायतें दर्ज कराई थीं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदलता रहा और लंबे समय तक फरार रहने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं और कथित वित्तीय लेनदेन की भी जांच तेज होने की संभावना है।
मामले में आरोपी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के उपयोग, शरारत और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। जांच अधिकारी अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कथित निवेश घोटाले में उसकी भूमिका कितनी व्यापक थी और धन संग्रह तथा निवेशकों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया में उसका कितना योगदान था।
शाइन सिटी प्रकरण उत्तर प्रदेश के चर्चित निवेश घोटालों में से एक माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने कथित तौर पर भूमि निवेश योजनाओं में धन लगाया था। जांच एजेंसियां लंबे समय से मामले से जुड़े आरोपियों की तलाश और धन के प्रवाह की पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अदालत में पेश किया गया है। मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार आरोपी तब तक निर्दोष माना जाएगा, जब तक किसी सक्षम अदालत द्वारा उसके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो जाते।
