मुंबई पुलिस ने MBBS एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को 12 साल बाद गिरफ्तार किया है, जो पांच राज्यों में कई मामलों में वांछित था।

मुंबई में MBBS एडमिशन दिलाने का झांसा देने वाला आरोपी 12 साल बाद गिरफ्तार, 5 राज्यों में 20 मामलों में था वांछित

Team The420
4 Min Read

मुंबई। मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट दिलाने का झांसा देकर अभिभावकों से कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले 51 वर्षीय एक आरोपी को मुंबई पुलिस ने 12 वर्षों तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में दर्ज लगभग 20 मामलों में वांछित था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी छह महीने तक चले विशेष अभियान के बाद संभव हो सकी। इस दौरान तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं और मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।

FCRF Launches Certified AI-Powered SOC Analyst Program to Train the Next Generation of Cyber Defence Professionals

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक व्यक्ति ने मुंबई के सर जे.जे. मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने उसके बेटे को ठाणे के कलवा स्थित एक मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट दिलाने का भरोसा देकर उससे ₹42 लाख ले लिए, लेकिन प्रवेश नहीं दिलाया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और विभिन्न राज्यों में छिपकर रह रहा था।

जांच टीम ने आरोपी की तलाश में राजस्थान, गुजरात, लोनावला और महाबलेश्वर सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस द्वारा महाबलेश्वर में की गई एक कार्रवाई के दौरान आरोपी गिरफ्तारी से बच निकला था और बाद में मुंबई पहुंच गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मुंबई के अग्रीपाड़ा इलाके की एक आवासीय इमारत में शरण ले रखी थी। एक विशेष सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया और कई घंटों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। सादे कपड़ों में तैनात अधिकारियों ने उचित अवसर मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कम से कम 18 से 20 समान मामलों में कथित रूप से शामिल रहा है। इनमें से आठ मामले केवल महाराष्ट्र में दर्ज बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जलगांव की एक स्थानीय अदालत ने उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर रखा था।

पुलिस का मानना है कि ठगी के शिकार लोगों की वास्तविक संख्या कहीं अधिक हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर उन अभिभावकों को निशाना बनाता था जो अपने बच्चों का मेडिकल कॉलेजों में दाखिला सुनिश्चित करने के लिए किसी भी कीमत पर तैयार रहते थे।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं और सीमित सीटों के कारण कई परिवार दबाव में रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर ऐसे गिरोह और बिचौलिए ठगी को अंजाम देते हैं। विशेषज्ञ अभिभावकों को सलाह देते हैं कि वे केवल आधिकारिक प्रवेश प्रक्रिया और मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से ही प्रवेश संबंधी कार्यवाही करें।

फिलहाल पुलिस आरोपी के वित्तीय लेनदेन, कथित सहयोगियों और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है। संबंधित राज्यों की पुलिस को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपी किसी बड़े एडमिशन रैकेट का हिस्सा था और इस कथित धोखाधड़ी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

हमसे जुड़ें

Share This Article