OpenAI ने ChatGPT Lockdown Mode पेश किया, जिससे प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, डेटा चोरी और बाहरी नेटवर्क जोखिमों से सुरक्षा मजबूत होगी

ChatGPT Lockdown Mode: अब हैकर्स के लिए मुश्किल होगी डेटा चोरी, OpenAI लाया नया सुरक्षा कवच

Team The420
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नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसी गति से इससे जुड़े साइबर खतरों के नए रूप भी सामने आ रहे हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग व्यक्तिगत, पेशेवर और कारोबारी कामों के लिए ChatGPT जैसे AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे माहौल में OpenAI ने एक नया सुरक्षा फीचर ‘Lockdown Mode’ पेश किया है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील डेटा को संभावित साइबर हमलों और डेटा चोरी के प्रयासों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है।

कंपनी के अनुसार यह फीचर विशेष रूप से उन यूजर्स और संगठनों के लिए तैयार किया गया है जो गोपनीय दस्तावेज, कारोबारी जानकारी, शोध सामग्री या अन्य संवेदनशील डेटा के साथ काम करते हैं। हाल के महीनों में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने AI सिस्टम्स को निशाना बनाने वाले ‘Prompt Injection Attacks’ को लेकर चिंता जताई है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए OpenAI ने यह अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है।

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साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक में हमलावर किसी वेबसाइट, ईमेल, दस्तावेज या अन्य डिजिटल कंटेंट में ऐसे छिपे निर्देश डाल देते हैं जो AI मॉडल को भ्रमित कर सकते हैं। यदि AI सिस्टम उन निर्देशों का पालन कर ले तो संवेदनशील जानकारी अनजाने में बाहरी स्रोतों तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि AI सुरक्षा अब केवल अकाउंट सुरक्षा का नहीं बल्कि डेटा सुरक्षा का भी बड़ा विषय बन चुकी है।

OpenAI का नया Lockdown Mode इसी जोखिम को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस मोड को सक्रिय करने के बाद ChatGPT की बाहरी नेटवर्क और वेब सेवाओं तक पहुंच काफी सीमित हो जाती है। इससे AI मॉडल द्वारा बाहरी स्रोतों के साथ होने वाले कुछ प्रकार के इंटरैक्शन नियंत्रित किए जा सकते हैं, जिससे डेटा एक्सफिल्ट्रेशन यानी संवेदनशील जानकारी के बाहर जाने का खतरा कम हो सकता है।

हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि Lockdown Mode किसी जादुई समाधान की तरह सभी प्रकार के प्रॉम्प्ट इंजेक्शन हमलों को पूरी तरह समाप्त नहीं करता। लेकिन यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करता है, जो उच्च जोखिम वाले उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

इस फीचर को सक्रिय करने के बाद ChatGPT के कई लोकप्रिय फीचर्स सीमित या निष्क्रिय हो जाएंगे। उदाहरण के लिए लाइव वेब ब्राउजिंग की सुविधा प्रभावित होगी और सिस्टम केवल सीमित या कैश्ड कंटेंट तक ही पहुंच पाएगा। इसके अलावा Deep Research और Agent Mode जैसे उन्नत फीचर्स भी उपलब्ध नहीं रहेंगे। Canvas के भीतर इंटरनेट आधारित डेटा एक्सेस बंद हो जाएगा, जबकि इमेज जनरेशन और जवाबों में इमेज सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी निष्क्रिय हो सकती हैं।

इसके साथ ही कुछ विशेष कनेक्टर्स, शॉपिंग एजेंट, वित्तीय एजेंट और बाहरी स्रोतों से फाइल डाउनलोड करने की क्षमता भी बंद हो जाएगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुविधाओं को सीमित करने का उद्देश्य AI सिस्टम की बाहरी दुनिया के साथ इंटरैक्शन क्षमता को कम करना है, ताकि संभावित हमलावरों के लिए रास्ते सीमित किए जा सकें।

हालांकि Lockdown Mode सक्रिय होने के बावजूद ChatGPT की कई सामान्य सुविधाएं पहले की तरह काम करती रहेंगी। इनमें मेमोरी फीचर, फाइल अपलोड, चैट शेयरिंग और मॉडल सुधार के लिए चैट डेटा का उपयोग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यानी उपयोगकर्ता सामान्य बातचीत और अधिकांश कार्यों को पहले की तरह जारी रख सकेंगे।

OpenAI ने यह फीचर Free, Go, Plus, Pro और Self-Serve Business अकाउंट्स के लिए उपलब्ध कराया है। इसे सक्रिय करने के लिए उपयोगकर्ताओं को ChatGPT ऐप या वेबसाइट की सेटिंग्स में जाकर Security सेक्शन खोलना होगा। वहां Advanced Security विकल्प के अंतर्गत Lockdown Mode को ऑन किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे AI टूल्स कॉरपोरेट, सरकारी और अनुसंधान क्षेत्रों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं, डेटा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में Lockdown Mode जैसे फीचर्स यह संकेत देते हैं कि AI कंपनियां अब केवल बेहतर मॉडल बनाने पर ही नहीं, बल्कि उन्हें अधिक सुरक्षित बनाने पर भी समान रूप से ध्यान दे रही हैं।

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