सोनभद्र जनपद के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में एक गरीब मजदूर के नाम पर फर्जी फर्म खोलकर करोड़ों रुपये का लेनदेन करने और जीएसटी व आयकर चोरी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर न केवल फर्जी कारोबार दिखाया गया, बल्कि उसे धमकी भी दी गई। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित शिवधनी ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी दौरान करीब आठ वर्ष पहले अजय पटेल नाम का व्यक्ति उसके घर पहुंचा और पुराने बैटरी कारोबार में काम दिलाने का झांसा देकर उसे साथ ले गया। इसके बाद उसे लगभग आठ हजार रुपये मासिक वेतन पर काम पर रखा गया।
आरोप है कि जुलाई 2020 में आरोपी ने उसे विश्वास में लेकर कोटक महिंद्रा बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में उसके नाम से खाते खुलवाए। साथ ही उसके नाम पर मोबाइल सिम भी निकलवाई गई। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में ले लिए गए। पीड़ित का कहना है कि उससे खाली चेक पन्नों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 के दौरान उसके नाम से भारी मात्रा में कारोबार दिखाया गया, जबकि वास्तविक रूप से उसे केवल मजदूरी का काम मिलता रहा। बाद में वर्ष 2023 में फर्जी फर्म को बंद कर दिया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब नवंबर-दिसंबर 2025 में आयकर विभाग की ओर से पीड़ित के घर नोटिस पहुंचने लगे। पहले तो उसने आरोपी से संपर्क किया, लेकिन आरोपी ने मामले को सुलझाने का भरोसा देकर नाम न बताने की बात कही। बाद में और नोटिस आने पर जांच करने पर पता चला कि उसके नाम से “शिवा ट्रेडिंग” नाम की फर्म पंजीकृत कर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब वह आरोपी के घर गया तो वह नहीं मिला। फोन पर बात करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह और उसका परिवार दहशत में है।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म के नाम पर करोड़ों रुपये के लेनदेन दिखाकर जीएसटी और आयकर से बचने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों, टैक्स रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि उसके नाम पर हुए सभी फर्जी लेनदेन रद्द किए जाएं और उसे न्याय दिलाया जाए। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग दस्तावेजों के दुरुपयोग को लेकर चिंतित हैं।
जांच जारी है।
