अमृतसर में 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामदगी के साथ पाकिस्तान-Portugal लिंक वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग मॉड्यूल का भंडाफोड़

अमृतसर में 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद: पाकिस्तान–Portugal लिंक वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग मॉड्यूल का भंडाफोड़

Team The420
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चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतसर में एक हाई-वैल्यू नार्कोटिक्स मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में इस नेटवर्क के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और पुर्तगाल (Portugal) में सक्रिय विदेशी कोऑर्डिनेटर्स से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिससे यह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के रूप में सामने आ रहा है।

यह कार्रवाई स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC), अमृतसर यूनिट और काउंटर इंटेलिजेंस विंग द्वारा खुफिया सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों के अनुसार सूचना मिली थी कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन की एक बड़ी खेप भारतीय क्षेत्र में गिराई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरवन सिंह उर्फ गुज्जर, निवासी गांव अवन वासाउ (अमृतसर) और शमशेर सिंह उर्फ शेरा, निवासी डायल रंगर (अमृतसर) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की है, जिसका उपयोग नशीले पदार्थों की ढुलाई में किया जा रहा था।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल लगातार पाकिस्तान स्थित तस्करों और हैंडलर्स के संपर्क में था, जबकि ऑपरेशन का संचालन पुर्तगाल में बैठे संपर्कों के जरिए किया जा रहा था। यह नेटवर्क भारत में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह का हिस्सा माना जा रहा है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों के तार उस पाकिस्तान आधारित नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसका नाम वर्ष 2019 में अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर 532 किलोग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में सामने आया था। अधिकारियों का मानना है कि वही नेटवर्क अब नए तरीकों और तकनीकों के साथ सक्रिय है।

पुलिस महानिदेशक (DGP) ने जानकारी दी कि यह पूरी कार्रवाई उस समय अंजाम दी गई जब खुफिया इनपुट में बताया गया कि ड्रोन के जरिए सीमा से खेप गिराई गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपी कथित तौर पर इस खेप को उठाकर आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि इस तस्करी के बदले आरोपियों को भारी आर्थिक लाभ का लालच दिया गया था। बरामद हेरोइन को पंजाब और आसपास के राज्यों में आगे वितरित किए जाने की योजना थी।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे के कनेक्शन (forward and backward linkages) खंगालने में जुटी हैं। इसमें शामिल अन्य सप्लायर्स, स्टोरेज नेटवर्क और वितरण चैनलों की पहचान की जा रही है।

इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि भारत–पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। इस वर्ष की पहली तिमाही में ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस द्वारा 330 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की जा चुकी है।

इसके अलावा कई मामलों में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों तक सीमित नहीं बल्कि अन्य अवैध और सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों से भी जुड़ा हो सकता है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ड्रोन, एन्क्रिप्टेड संचार माध्यम और विदेशी कोऑर्डिनेटर्स का उपयोग तस्करी के पैटर्न को और जटिल बना रहा है। इससे पारंपरिक सीमा निगरानी प्रणालियों को चकमा देना आसान हो गया है।

फिलहाल जांच टीमें डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर पूरे नेटवर्क की संरचना को समझने में जुटी हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदियां संभव हैं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में निगरानी को और मजबूत किया गया है, जिसमें एंटी-ड्रोन सिस्टम और खुफिया आधारित निगरानी शामिल है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट किस तरह आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को चुनौती दे रहे हैं। जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना बनी हुई है।

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