“Telegram पर ‘विशेषज्ञ’ बनकर संपर्क, फर्जी मंच पर 17 लेनदेन; एक हफ्ते में 80 से ज्यादा मामलों से हड़कंप”

“एआई क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा, ₹8 करोड़ की ठगी: हांगकांग में महिला बनी शिकार, बढ़ते धोखाधड़ी मामलों पर अलर्ट”

Roopa
By Roopa
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हांगकांग। क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी के मामलों के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां एक महिला से कथित “एआई आधारित ट्रेडिंग” के नाम पर करीब ₹8 करोड़ (लगभग 77 लाख हांगकांग डॉलर) की ठगी कर ली गई। इस घटना ने पूरे शहर में साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बीते एक सप्ताह में ही 80 से अधिक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुल नुकसान ₹85 करोड़ से अधिक आंका गया है।

टेलीग्राम से शुरू हुआ जाल, ‘पक्का मुनाफा’ का लालच

जांच के मुताबिक, पीड़िता से एक ठग ने Telegram के जरिए संपर्क किया और खुद को क्रिप्टो निवेश विशेषज्ञ बताया। उसने “एआई संचालित मात्रात्मक ट्रेडिंग” के माध्यम से भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। भरोसा जीतने के बाद महिला को एक कथित निवेश मंच पर पंजीकरण कराया गया, जो बाद में पूरी तरह फर्जी निकला।

ठगों ने महिला को चरणबद्ध तरीके से निवेश करने के लिए उकसाया। उसने 17 अलग-अलग लेनदेन के जरिए Tether (यूएसडीटी) और Ethereum (ईथरियम) में रकम स्थानांतरित की। कुल मिलाकर उसने लगभग ₹8 करोड़ गंवा दिए।

निकासी रोकते ही खुला फर्जीवाड़ा

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब महिला ने अपने निवेश की राशि निकालने की कोशिश की, लेकिन बार-बार उसकी निकासी अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद उसे संदेह हुआ और मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि पूरा निवेश मंच ही धोखाधड़ी के लिए तैयार किया गया था।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पहले पीड़ित को छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा दिलाया जाता है, फिर बड़ी रकम निवेश करवाई जाती है और अंत में निकासी रोक दी जाती है।

एआई जैसे शब्दों का बढ़ता दुरुपयोग

जांच एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ठग अब “एआई ट्रेडिंग”, “स्वचालित मुनाफा” और “कम जोखिम, ज्यादा लाभ” जैसे आकर्षक शब्दों का इस्तेमाल कर लोगों को फंसा रहे हैं। ये शब्द निवेशकों को तकनीकी और विश्वसनीय प्रतीत होते हैं, जिससे वे आसानी से जाल में फंस जाते हैं।

पिछले महीने भी एक 66 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति से करीब ₹7 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया था, जिसमें ठगों ने पहले निवेश के नाम पर पैसा लिया और बाद में “राशि वापस दिलाने” के नाम पर दोबारा धन ऐंठ लिया।

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शहर में तेजी से बढ़ रहे क्रिप्टो धोखाधड़ी के मामले

Hong Kong Police Force के अनुसार, हाल के दिनों में इस प्रकार के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। एक ही सप्ताह में 80 से अधिक मामले दर्ज होना इस बात का संकेत है कि साइबर अपराधी अब संगठित और बड़े स्तर पर काम कर रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि क्रिप्टो निवेश में तेज मुनाफे का लालच और तकनीकी जानकारी की कमी ठगों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन रही है।

लोगों के लिए चेतावनी और सुझाव

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या निवेश मंच पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें। खासकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहने की जरूरत है।

इसके अलावा, अधिकारियों ने सलाह दी है कि किसी भी मंच पर निवेश करने से पहले उसकी वैधता की पुष्टि करें और बिना जांच-पड़ताल के धन स्थानांतरित न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले समय में और खतरनाक हो सकती है, क्योंकि ठग लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रहे हैं।

“एआई जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर ठग खुद को अधिक विश्वसनीय दिखाते हैं, लेकिन निवेशकों को समझना होगा कि कोई भी मंच ‘पक्का मुनाफा’ नहीं दे सकता,” एक साइबर विशेषज्ञ ने चेताया।

विशेषज्ञों के अनुसार, जागरूकता, सतर्कता और सही जानकारी ही इस तरह की साइबर धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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