पुणे में fake trading app, WhatsApp निवेश ग्रुप और clone banking website के जरिए तीन अलग-अलग मामलों में ₹28 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी सामने आई।

क्लिक, ट्रस्ट और क्रैश: पुणे में फर्जी वेबसाइट और ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों की साइबर चाल

Team The420
6 Min Read

पुणे: पुणे में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने एक बार फिर डिजिटल फ्रॉड की गंभीर और चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों—खराड़ी, खडक और सहकार नगर—में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में साइबर अपराधियों ने कुल मिलाकर ₹28 लाख से अधिक की ठगी की। इन घटनाओं ने दिखाया है कि कैसे ठग अब बेहद संगठित तरीके से फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क एक सुनियोजित रणनीति के तहत काम करता है, जिसमें पहले पीड़ित का भरोसा जीता जाता है, फिर डिजिटल माध्यमों पर एक असली जैसा माहौल तैयार किया जाता है और अंत में धीरे-धीरे आर्थिक रूप से शिकार किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में फर्जी निवेश योजनाएं, नकली मुनाफे का प्रदर्शन और सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

FCRF Returns With CDPO, Its Premier Data Protection Certification for Privacy Professionals

पहला मामला खराड़ी का है, जहां 32 वर्षीय व्यक्ति से ₹17.23 लाख की ठगी की गई। पीड़ित को व्हाट्सऐप पर एक संदेश मिला, जिसमें शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफे का दावा किया गया था। इसके बाद उसे एक निवेश ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कई प्रोफाइल लगातार मुनाफे और ट्रेडिंग सफलता की बातें कर रही थीं, जिससे पूरा सिस्टम वास्तविक प्रतीत होने लगा।

जांच में सामने आया कि ठगों ने उसे एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया, जिसमें शुरुआती चरण में नकली प्रॉफिट दिखाया गया। इससे पीड़ित का भरोसा और मजबूत हुआ और उसने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कर दी। बाद में यह राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई। लेकिन जैसे ही बड़ी रकम इकट्ठा हुई, आरोपियों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह “शुरुआती लाभ दिखाकर भरोसा बनाना” साइबर ठगों की सबसे आम और खतरनाक रणनीतियों में से एक है।

दूसरा मामला खडक पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है, जहां 18 वर्षीय युवक को ₹4.21 लाख की चपत लगी। उसे ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए निवेश का मौका दिखाया गया और फिर व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां IPO और शेयर ट्रेडिंग से जुड़े झूठे मुनाफे का प्रचार किया जा रहा था।

युवक ने भरोसे में आकर कई बार निवेश किया, लेकिन उसे कोई वास्तविक रिटर्न नहीं मिला। बाद में ठगों ने संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि युवा वर्ग ऐसे मामलों में अधिक फंस रहा है क्योंकि वे तेजी से मुनाफा कमाने के लालच में बिना सत्यापन के निवेश कर देते हैं।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी निवेश ग्रुप में ऑटोमैटिक मैसेज, नकली प्रोफाइल और एडिटेड स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल कर एक वास्तविक बाजार जैसा माहौल बनाया जाता है, जिससे लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं।

तीसरा मामला सहकार नगर का है, जहां एक व्यक्ति से क्रेडिट कार्ड आवेदन के नाम पर ₹6.62 लाख की ठगी हुई। पीड़ित एक वेबसाइट के जरिए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर रहा था, जो दिखने में पूरी तरह असली बैंक पोर्टल जैसी थी। इसी दौरान उसने अपनी KYC और PAN जैसी संवेदनशील जानकारी दर्ज कर दी।

जांच में पता चला कि यह एक क्लोन वेबसाइट थी, जिसे केवल डेटा चोरी के लिए बनाया गया था। इसी जानकारी का उपयोग कर ठगों ने उसके मौजूदा क्रेडिट कार्ड से कई अनधिकृत लेनदेन कर दिए। पीड़ित को तब ठगी का पता चला जब उसके खाते से लगातार बड़े ट्रांजेक्शन होने लगे।

बैंकिंग और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के फिशिंग हमले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली साइट बनाकर लोगों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुरा ली जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों मामलों में एक समान पैटर्न सामने आया है—पहले डिजिटल भरोसा बनाना, फिर झूठे मुनाफे का लालच देना और अंत में धीरे-धीरे पूरी रकम निकाल लेना।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग लगातार अपनी तकनीक बदल रहे हैं और व्हाट्सऐप ग्रुप, फर्जी ऐप और नकली वेबसाइटों के जरिए लोगों को फंसाने के नए तरीके अपना रहे हैं। एक बार डेटा लीक होने के बाद उसका कई बार दुरुपयोग किया जाता है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पहले पूरी जांच करें और किसी भी अनवेरिफाइड प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जा सकती है।

ये घटनाएं साफ दिखाती हैं कि डिजिटल दुनिया में भरोसे का गलत इस्तेमाल कर साइबर ठग कैसे लोगों की मेहनत की कमाई को कुछ ही मिनटों में गायब कर रहे हैं।

हमसे जुड़ें

Share This Article