न्यूयॉर्क: अमेरिकी बैंक JPMorgan Chase ने फिनटेक स्टार्टअप Frank के ₹1,450 करोड़ ($175 मिलियन) के विवादित अधिग्रहण से जुड़े नुकसान की भरपाई के लिए शुरुआती निवेशकों के खिलाफ अदालत का रुख किया है। इस मामले में इजरायली वेंचर कैपिटल फर्म Aleph LP, जिसे Michael Eisenberg ने स्थापित किया है, प्रमुख रूप से शामिल है। यह मुकदमा अब वैश्विक स्टार्टअप और निवेश जगत में बड़ी कानूनी लड़ाई में बदल गया है।
JPMorgan का आरोप है कि Frank के अधिग्रहण के समय कंपनी की ग्रोथ और ग्राहक आधार को गलत तरीके से पेश किया गया। बैंक को बताया गया था कि स्टार्टअप के पास लगभग 4.3 मिलियन ग्राहक हैं, जबकि बाद की जांच में यह संख्या 300,000 से भी कम पाई गई। इसी कथित फर्जी डेटा के आधार पर 2021 में यह बड़ी डील पूरी की गई थी।
Frank की स्थापना Charlie Javice ने की थी और इसे JPMorgan ने 2021 में अधिग्रहित किया था। बैंक का उद्देश्य छात्र-केंद्रित वित्तीय सेवाओं में अपनी उपस्थिति मजबूत करना था, लेकिन बाद में आंतरिक जांच में गंभीर विसंगतियां सामने आने के बाद यह सौदा विवादों में घिर गया।
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मुकदमे के अनुसार, Aleph LP शुरुआती प्रमुख निवेशकों में शामिल था और कंपनी को JPMorgan तक पहुंचाने में इसकी भूमिका भी रही। अदालत में पेश किए गए एक बयान के अनुसार, Michael Eisenberg ने Frank की संस्थापक को JPMorgan के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलवाने में मदद की, जिससे अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ी।
JPMorgan का दावा है कि निवेशकों के साथ एक समझौता मौजूद था, जिसके तहत धोखाधड़ी या गलत जानकारी से जुड़े मामलों में उनकी वित्तीय जिम्मेदारी तय की जा सकती है। इसी आधार पर बैंक अब हुए नुकसान की वसूली की मांग कर रहा है।
बैंक ने 2022 में ही निवेशकों से संपर्क कर मुआवजे की मांग शुरू कर दी थी, जब उसे डेटा में गड़बड़ी के संकेत मिले थे। हालांकि, निवेशकों ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। यह विवाद तब और बढ़ गया जब Charlie Javice को मार्च 2025 में धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया और उन्हें सात साल की सजा सुनाई गई, हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
इस मामले में अन्य निवेशकों की भूमिका भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, Apollo Global Management के CEO Mark Rowan, जिन्होंने इस स्टार्टअप में निवेश किया था, JPMorgan के साथ समझौते पर पहुंच चुके हैं, और उनके खिलाफ दायर दावा भी वापस ले लिया गया है।
यह मुकदमा स्टार्टअप अधिग्रहणों में ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर फिनटेक सेक्टर में, जहां कंपनी के यूजर डेटा और डिजिटल ग्रोथ आंकड़े मूल्यांकन का सबसे बड़ा आधार होते हैं। JPMorgan का कहना है कि फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए आंकड़े निवेश निर्णयों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं और अरबों रुपये के सौदों को गलत दिशा में ले जा सकते हैं।
Aleph LP ने सभी आरोपों को सख्ती से खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह मामला केवल एक अनुबंधीय विवाद से जुड़ा है और इसमें किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी में भागीदारी या जानकारी का कोई आरोप शामिल नहीं है।
अपने बयान में Aleph ने कहा कि वह JPMorgan और उसके नेतृत्व का सम्मान करता है, लेकिन बैंक की व्याख्या से असहमत है। कंपनी ने भरोसा जताया है कि अदालत में उसका पक्ष मजबूत रहेगा और वह इस कानूनी चुनौती का सामना करेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला निवेशकों की जिम्मेदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। यह तय कर सकता है कि क्या शुरुआती निवेशकों को स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा किए गए फर्जी दावों और गलत बयानों के लिए वित्तीय रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है या नहीं।
Charlie Javice इस पूरे विवाद की केंद्रीय आरोपी बनी हुई हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने निवेश और बड़े अधिग्रहण को हासिल करने के लिए ग्राहकों की संख्या को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। यह मामला हाल के वर्षों में वैश्विक बैंकिंग और स्टार्टअप जगत से जुड़े सबसे चर्चित धोखाधड़ी मामलों में से एक माना जा रहा है।
फिलहाल यह कानूनी लड़ाई आगे बढ़ रही है और इसमें अनुबंध की व्याख्या, निवेशकों की जिम्मेदारी और फर्जी डेटा की सीमा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत सुनवाई होने की संभावना है।
