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₹10 करोड़ निवेश विवाद बना कानूनी जंग: सिंगर मंगली पर आरोप, जवाब में दर्ज कराई काउंटर FIR

Team The420
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हैदराबाद: लगभग ₹10 करोड़ के कथित निवेश विवाद ने अब एक बड़े कानूनी संघर्ष का रूप ले लिया है, जिसमें लोकगायिका Mangli (सत्यवती राठौड़) और अधिवक्ता Singapogu Subbarao आमने-सामने हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग थानों में FIR दर्ज कराई गई है, जिससे यह विवाद अब केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित न रहकर प्रतिष्ठा और आपराधिक आरोपों की जंग बन गया है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अधिवक्ता सुब्बाराव ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किलों को “Gokula Nandana Infra India Pvt Ltd” नामक कंपनी के जरिए निवेश के नाम पर करीब ₹9.5 से ₹10 करोड़ तक की ठगी का शिकार बनाया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 100 से 150 निवेशकों को हर महीने 3% से 5% तक के रिटर्न का लालच दिया गया था, खासकर फिल्म फाइनेंसिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स का हवाला देकर।

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शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में मंगली, उनके भाई शिवा और अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इस सूची में मुख्य आरोपी के तौर पर रामावत मदु का नाम सामने आया है, जबकि अन्य सहयोगियों पर भी धोखाधड़ी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क ने योजनाबद्ध तरीके से निवेशकों को भरोसे में लेकर बड़ी रकम जुटाई और बाद में भुगतान में टालमटोल की।

अधिवक्ता सुब्बाराव ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने मुवक्किलों के पैसे वापस दिलाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकियां दी गईं। शिकायत में यह दावा किया गया है कि उन्हें “सड़क हादसे” के जरिए नुकसान पहुंचाने की चेतावनी तक दी गई थी। इस आधार पर आपराधिक धमकी और साजिश से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वहीं दूसरी ओर, मंगली ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने पलटवार करते हुए एक अलग थाने में काउंटर FIR दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अधिवक्ता सुब्बाराव पर ब्लैकमेलिंग, बदनाम करने और झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया है। मंगली का दावा है कि एक कथित “फर्जी वीडियो” के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया गया और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

मंगली की शिकायत में यह भी कहा गया है कि उनसे पैसे की मांग की गई और इनकार करने पर उनके खिलाफ झूठा नैरेटिव तैयार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश उनकी लोकप्रियता और करियर को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से रची गई है। इस आधार पर उन्होंने जबरन वसूली, मानहानि और अपमान से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कराया है।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब निवेशकों की संख्या और कथित घोटाले की कुल राशि को लेकर बड़े दावे सामने आने लगे। अधिवक्ता सुब्बाराव का कहना है कि वास्तविक घोटाले का आकार ₹150 से ₹200 करोड़ तक हो सकता है, हालांकि फिलहाल पुलिस आधिकारिक तौर पर ₹10 करोड़ के दायरे में जांच कर रही है।

इस विवाद के बीच फिल्म निर्देशक Venu Udugula का नाम भी सामने आया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने खुद को केवल दोनों पक्षों का परिचित बताया और कहा कि उन्होंने केवल आपसी समझौते की सलाह दी थी।

पुलिस अब दोनों FIR के आधार पर समानांतर जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह वास्तव में एक निवेश धोखाधड़ी का मामला है या फिर आपसी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का परिणाम। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।

फिलहाल, यह मामला एक जटिल कानूनी लड़ाई में बदल चुका है, जिसमें आर्थिक अपराध, आपराधिक धमकी और प्रतिष्ठा से जुड़े पहलू एक साथ जुड़ गए हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस हाई-प्रोफाइल विवाद की दिशा तय करेंगे।

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