पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का असर अब समुद्री मार्गों तक फैलता दिख रहा है। दक्षिणी तट के पास Sri Lanka के जलक्षेत्र में एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहां कथित हमले के बाद एक ईरानी नौसेना जहाज डूब गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 32 लोगों को सुरक्षित बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि यह जहाज 4 मार्च को अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 में भाग लेने के बाद वापस लौट रहा था। घटना उस क्षेत्र के पास हुई जो Kanyakumari से लगभग 400 किलोमीटर दूर माना जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर करीब 180 लोग सवार थे, जिनमें से कई अभी भी लापता हैं।
श्रीलंकाई स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बचाए गए लोगों में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि सात लोगों का आपातकालीन उपचार चल रहा है। बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। समुद्र में तलाशी और बचाव अभियान के लिए नौसेना और वायुसेना के संयुक्त दल को तैनात किया गया है।
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सूत्रों के अनुसार, इस हमले के लिए एक ड्रोन और अमेरिकी पनडुब्बी के उपयोग का दावा किया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हमला उस समय हुआ जब ईरानी नौसेना का जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहा था। घटना के बाद जहाज में आग लगने और फिर तेज पानी भरने से वह डूब गया। बचाव दल को प्रारंभिक सूचना मिली थी कि जहाज संकट में है, जिसके बाद राहत मिशन शुरू किया गया।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना से पश्चिम एशिया में पहले से चल रहे तनाव और बढ़ने की आशंका है। Iran और United States के बीच चल रहे सैन्य टकराव का असर वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
श्रीलंकाई प्रशासन ने कहा है कि समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। अधिकारियों ने आसपास के जहाजों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त नौसैनिक संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य घटनाक्रम वैश्विक व्यापारिक मार्गों के लिए चिंता पैदा कर सकते हैं। तेल और गैस आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग इस क्षेत्र से गुजरते हैं, इसलिए किसी भी बड़े सैन्य टकराव का आर्थिक प्रभाव भी पड़ सकता है।
फिलहाल लापता लोगों की सही संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। बचाव दल समुद्र में तलाशी अभियान जारी रखे हुए है, लेकिन गहरे पानी और खराब मौसम के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ता है तो समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बढ़ सकता है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच अभी जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
