प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी सहारा प्राइम सिटी जमीन घोटाले में

सहारा प्राइम सिटी जमीन मामले में बड़ी कार्रवाई: तीन राज्यों में ताबड़तोड़ छापे, डिजिटल सबूत जब्त

Team The420
3 Min Read

सहारा प्राइम सिटी जमीन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने तीन राज्यों में एक साथ बड़ी कार्रवाई कर कंपनी और उससे जुड़े अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ अहम डिजिटल सबूत और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। मामले में पहले ही 500 से अधिक एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, कोलकाता जोनल कार्यालय की टीम ने 2 फरवरी को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, कर्नाटक के बेल्लारी, और ओडिशा के भुवनेश्वर तथा बेहरामपुर में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान कंपनी से जुड़े कार्यालयों और संबंधित व्यक्तियों के परिसरों की गहन तलाशी ली गई।

FCRF Launches Flagship Certified Fraud Investigator (CFI) Program

जांच में सामने आया है कि सर्च के दौरान व्हाट्सऐप कम्युनिकेशन, कॉन्टैक्ट लिस्ट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा बरामद हुआ है, जिन्हें आगे की जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। इसके अलावा कई आपत्तिजनक कागजात भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इन दस्तावेजों से जमीन सौदों और निवेश से जुड़े लेनदेन की परतें खुल सकती हैं।

सहारा समूह की विभिन्न कंपनियों के खिलाफ देशभर में 500 से ज्यादा एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। शिकायतों में जमीन खरीद-फरोख्त और निवेश योजनाओं से जुड़े आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। कई मामलों में कथित तौर पर निवेशकों से रकम लेकर जमीन आवंटन में अनियमितता और वादाखिलाफी की शिकायतें दर्ज की गई हैं।

जांच के क्रम में अनिल वैलापरम्पिल, अब्राहम और ओपी श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। इन पर मामले में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर धन के प्रवाह, संपत्तियों के हस्तांतरण और अन्य संबंधित पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसी ने यह भी संकेत दिया है कि सहारा समूह से जुड़ी कई जमीनों को अटैच करने के आदेश जारी किए गए हैं। संबंधित संपत्तियों का मूल्यांकन कर उन्हें अस्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि कथित अवैध लेनदेन से अर्जित संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि जमीन सौदों और निवेश योजनाओं में किस स्तर पर निर्णय लिए गए और किन-किन लोगों की भूमिका रही। डिजिटल ट्रेल के आधार पर आगे और स्थानों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

मामले ने एक बार फिर बड़े निवेश और जमीन योजनाओं में पारदर्शिता और नियामकीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

हमसे जुड़ें

Share This Article