ओडिशा में साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, 24 हजार से ज्यादा संदिग्ध बैंक खातों की जांच, 289 गिरफ्तार

Team The420
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ओडिशा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान “ऑपरेशन साइबर कवच” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान में अब तक 24,555 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई है। पुलिस ने डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास में 289 लोगों को गिरफ्तार किया है और 5,380 से अधिक कानूनी नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन वित्तीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना बताया गया है।

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यह विशेष अभियान राज्य के सभी जिलों में जिला साइबर अपराध इकाइयों के माध्यम से चलाया जा रहा है। अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला स्तर के एसपी तथा डीसीपी द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 827 साइबर धोखाधड़ी के मामलों का पता लगाया है। इनमें एटीएम से अवैध नकद निकासी से जुड़े 32 नए मामले, चेक फ्रॉड के 27 मामले और फर्जी सिम तथा पीओएस मशीनों के दुरुपयोग से जुड़े 18 मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराधी अक्सर दूसरे व्यक्तियों के नाम पर खोले गए खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं।

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जिला स्तर पर अभियान के परिणाम अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई दिए हैं। राउरकेला में पुलिस ने 20 संदिग्ध खातों की जांच की, 10 मामले दर्ज किए और नौ लोगों को नोटिस भेजा। सुंदरगढ़ में 215 खातों की जांच कर तीन मामले दर्ज किए गए और दो लोगों को नोटिस जारी किया गया। भुवनेश्वर यूनिट ने 306 खातों की जांच कर दो मामले दर्ज किए और छह लोगों को नोटिस दिया।

देवगढ़ और सुबरनपुर जिलों में क्रमशः 53 और 79 संदिग्ध खातों की जांच हुई। दोनों जिलों में एक-एक मामला दर्ज किया गया और दो लोगों को नोटिस जारी किया गया। संबलपुर पुलिस ने 102 खातों की जांच करते हुए म्यूल बैंक खातों से जुड़े 14 मामले दर्ज किए और फर्जी सिम कार्ड से जुड़े दो मामलों की पहचान की। अंगुल जिले में 144 खातों की जांच कर पुराने एफआईआर से जुड़े एक मामले में कार्रवाई की गई।

केओंझर जिले में म्यूल खातों से जुड़े 20 मामले दर्ज किए गए, जिनमें बैंक धोखाधड़ी के 28 कनेक्शन सामने आए। यहां एटीएम निकासी और चेक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की भी पहचान हुई। गंजाम और पुरी जिलों में भी एक-एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जांच आगे बढ़ाई गई है।

कटक, कंधमाल और बरहामपुर क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। बौध जिले में 56 संदिग्ध खातों की जांच कर सभी संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। मल्कानगिरी में पुराने मामलों के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और छह नोटिस जारी हुए। कालाहांडी में 11 खातों की जांच कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि कटक ग्रामीण, जगतसिंहपुर, जाजपुर, केंद्रापड़ा, नुआपाड़ा, बलांगीर, बालासोर, ढेंकानाल, नयागढ़ और मयूरभंज जैसे जिलों में भी सैकड़ों खातों की जांच की गई है। संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लोगों को लगातार कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ओडिशा पुलिस नागरिकों के डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान आगे भी तेज किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि राज्य को साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए तकनीकी जांच, जागरूकता अभियान और त्वरित कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

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