वडोदरा में रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश और 2% मासिक रिटर्न के कथित वादे से जुड़े ₹4.5 करोड़ धोखाधड़ी मामले में Suresh Pansuriya गिरफ्तार किया गया है।

रियल एस्टेट बिल्डर Suresh Pansuriya ₹4.5 करोड़ की कथित धोखाधड़ी में गिरफ्तार

Team The420
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वडोदरा: वडोदरा पुलिस ने रियल एस्टेट बिल्डर Suresh Pansuriya और उसके भाई Manish Pansuriya को हरनी थाने में दर्ज ₹4.5 करोड़ की कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों और उनके सहयोगियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर लोगों से रकम ली और आकर्षक मासिक रिटर्न देने का भरोसा दिया। आरोप है कि कुछ समय बाद भुगतान बंद कर दिया गया और निवेशकों की मूल रकम भी वापस नहीं की गई।

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मामला उस समय सामने आया जब निवेशक Darshit Shah ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने Harni-Sama Link Road स्थित Siddheshwar Prime Plus और Siddheshwar Paradise परियोजनाओं में ₹3 करोड़ का निवेश किया था। आरोप है कि निवेश के बदले उन्हें हर महीने 2% रिटर्न देने का आश्वासन दिया गया था।

₹3 करोड़ के निवेश के बाद भुगतान बंद होने का आरोप

पुलिस के अनुसार, Darshit Shah ने नियमित रिटर्न के भरोसे परियोजनाओं में रकम लगाई थी। शुरुआत में कथित तौर पर कुछ समय तक भुगतान किया गया, लेकिन बाद में मासिक भुगतान बंद हो गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद निवेश की मूल रकम भी वापस नहीं की गई। इसके बाद पुलिस ने निवेश से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन, समझौतों और परियोजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

जांच आगे बढ़ने पर दो अन्य निवेशकों ने भी पुलिस से संपर्क किया। इनमें एक ने ₹52 लाख और दूसरे ने ₹25 लाख की कथित वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत की। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये सभी लेनदेन एक ही कथित नेटवर्क का हिस्सा थे या अलग-अलग मामलों से जुड़े हैं।

परिवार के पांच लोगों के नाम मामले में शामिल

हरनी पुलिस ने Suresh, Manish, Kishore, Praveen और Ravi Pansuriya के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कारोबार, रियल एस्टेट परियोजनाओं और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी भी जुटाई।

पुलिस के मुताबिक, Suresh Pansuriya ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया था। वडोदरा की अदालत से उसकी जमानत मंजूर नहीं हुई। इसके बाद Gujarat High Court ने भी हाल में उसकी जमानत रद्द कर दी।

इसके बाद पुलिस ने बुधवार देर रात Vadodara के Vemali निवासी Suresh Bhadabhai Pansuriya और Manish Bhadabhai Pansuriya को गिरफ्तार कर लिया।

पुराने धोखाधड़ी के मामलों की भी पड़ताल

जांच के दौरान Pansuriya भाइयों के खिलाफ पहले दर्ज मामलों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, वडोदरा के Bapod थाने में पहले भी धोखाधड़ी समेत तीन शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

इसके अलावा Amreli में Pansuriya भाइयों के खिलाफ जमीन कब्जाने से जुड़ा एक अलग मामला भी दर्ज है। पुलिस अब इन मामलों के रिकॉर्ड जुटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनका मौजूदा मामले से कोई संबंध है या नहीं और क्या इससे किसी बड़े वित्तीय नेटवर्क के संकेत मिलते हैं।

निवेश के पूरे नेटवर्क की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कथित तौर पर निवेशकों से कुल कितनी रकम जुटाई, कितने लोग प्रभावित हुए और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। इसके लिए बैंक खातों, प्रॉपर्टी दस्तावेजों, निवेश समझौतों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

पुलिस आरोपियों के उन ठिकानों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है, जहां वे कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने के दौरान रहे। परियोजनाओं से जुड़े कारोबारी सहयोगियों और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

रिमांड लेकर पैसों के लेनदेन की होगी जांच

जांचकर्ता आरोपियों की हिरासत की मांग कर रहे हैं, ताकि निवेश समझौतों, रिटर्न के वादे और रकम के लेनदेन के बारे में पूछताछ की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि निवेशकों को दिया गया कथित रिटर्न वास्तविक परियोजनाओं से हुई आय से दिया जा रहा था या अन्य निवेशकों से जुटाई गई रकम से।

जांच में शिकायतकर्ताओं को हुए वास्तविक वित्तीय नुकसान का आकलन भी किया जाएगा। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसी तरह के वादों के जरिए और भी निवेशकों से रकम ली गई थी। रियल एस्टेट परियोजनाओं, कंपनियों और बैंक लेनदेन की विस्तृत जांच के बाद कथित ₹4.5 करोड़ के इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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