आगरा में Senior Citizen Credit Card Verification के नाम पर WhatsApp Link भेजकर बुजुर्ग से ₹12.56 लाख की कथित साइबर ठगी की गई।

WhatsApp Link बना ₹12.56 लाख की ठगी का रास्ता, Bank जैसी Website पर ले जाकर कराया Screen Share

Team The420
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आगरा: WhatsApp पर भेजा गया एक Link शास्त्रीपुरम निवासी बुजुर्ग बृजमोहन गोयल के लिए कथित Cyber Fraud का रास्ता बन गया। आरोप है कि उन्हें Senior Citizen Credit Card Verification के नाम पर WhatsApp Message भेजा गया और साथ में एक Link दिया गया। Link खोलने पर Bank जैसी दिखने वाली Website सामने आई। कथित तौर पर Verification के नाम पर Banking Details भरवाई गईं और इसके बाद Mobile Screen Share कराया गया। Screen Sharing शुरू होने के बाद खाते से कई Transactions किए गए और करीब ₹12.56 लाख निकाल लिए गए। रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने Cyber Crime Police से शिकायत की। पुलिस अब Bank Accounts और Digital Transaction Trail की जांच कर रही है।

WhatsApp पर आया Fraudulent Verification Message

शिकायत के मुताबिक, बृजमोहन गोयल के WhatsApp पर Senior Citizen Credit Card Verification से संबंधित Message आया था। Message में Verification प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक Link दिया गया था। आरोप है कि इसे इस तरह तैयार किया गया था कि पीड़ित को यह किसी वास्तविक Banking Process का हिस्सा लगे।

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Link पर क्लिक करने के बाद उनके Mobile Phone पर Bank जैसी दिखने वाली Website खुली। कथित तौर पर Verification पूरी करने के नाम पर उनसे Banking Information दर्ज कराई गई। इसके बाद उन्हें Mobile Screen Share करने के लिए कहा गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किस तरीके से पीड़ित को Screen Sharing के लिए तैयार किया और इसके बाद खाते से Unauthorized Transactions कैसे किए गए।

Screen Sharing के बाद कई Transactions

पुलिस को आशंका है कि कथित Fraud में Screen Sharing की अहम भूमिका रही। Screen Share होने के बाद खाते से कई Transactions किए गए। कुछ ही समय में करीब ₹12.56 लाख खाते से निकल गए।

पीड़ित को Unauthorized Transactions की जानकारी मिलने के बाद ठगी का पता चला। उन्होंने मामले की शिकायत Cyber Crime Police से की। पुलिस अब उन Bank Accounts की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम सबसे पहले पहुंची।

जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि इन खातों से रकम आगे किन खातों में भेजी गई। यदि रकम कई खातों के जरिए Transfer हुई है तो उसका पूरा Transaction Chain आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Bank जैसी Website से बनाया भरोसा

कथित ठगी में Bank जैसी दिखने वाली Website का इस्तेमाल जांच का महत्वपूर्ण पहलू है। ऐसी Websites का उद्देश्य लोगों को यह विश्वास दिलाना होता है कि वे किसी वास्तविक Bank या Financial Service की आधिकारिक Verification प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।

Cyber Criminals अक्सर Links के जरिए लोगों को Fake Websites पर Redirect करते हैं। वहां उनसे Banking Credentials, Card Information या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जा सकती है। कुछ मामलों में अपराधी Screen Sharing या Remote Access के जरिए पीड़ित के Mobile Phone पर होने वाली गतिविधियों को देखने की कोशिश करते हैं।

Bank Accounts और Digital Trail खंगाल रही Police

Cyber Crime Police अब पूरे मामले की Digital Trail की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का पहला फोकस उन Bank Accounts की पहचान करना है, जिनमें ₹12.56 लाख की रकम Transfer हुई।

इसके बाद इन खातों से हुए आगे के Transactions की जांच की जा रही है। Police WhatsApp Message, भेजे गए Fraudulent Link, इस्तेमाल किए गए Mobile Numbers और Transaction Records को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

Digital Evidence के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि Link किसने तैयार किया, किसने भेजा और इसके पीछे कौन-सा Network काम कर रहा था। Money Trail से जुड़े खातों के वास्तविक धारकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

दूसरे लोगों को भी निशाना बनाने की जांच

Investigators यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जिस Mobile Number, WhatsApp Account या Link का इस्तेमाल इस मामले में हुआ, उसका उपयोग पहले किसी अन्य व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए तो नहीं किया गया था।

यदि इसी तरीके से जुड़े अन्य Victims या Transactions सामने आते हैं तो मामले का दायरा बढ़ सकता है। पुलिस उन Bank Accounts की पुरानी Transaction History भी देख सकती है, जिनमें ठगी की रकम पहुंची।

जांच से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित आरोपियों ने केवल WhatsApp बातचीत के जरिए पीड़ित को निशाना बनाया या उनके पास पहले से कोई Personal या Financial Information भी मौजूद थी।

Cyber Crime Expert ने Screen Sharing को लेकर चेताया

Cyber Crime Expert और former IPS officer Prof. Triveni Singh के अनुसार, Cyber Criminals अक्सर Banks, Credit Card Services और अन्य भरोसेमंद Financial Institutions के नाम का इस्तेमाल कर लोगों के बीच भरोसा पैदा करते हैं। इसके बाद Verification या Account Update के नाम पर उन्हें जल्दबाजी में कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि WhatsApp या किसी अन्य Messaging Platform पर मिले अनजान Link को बिना सत्यापन के नहीं खोलना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर Mobile Screen Share नहीं करनी चाहिए। Banking Credentials, Card Information, OTP और Password जैसी संवेदनशील जानकारी भी संदिग्ध Website या Link पर दर्ज नहीं करनी चाहिए।

किसी Banking Verification की जरूरत होने पर ग्राहक को Bank के Official App, Website या Customer Care के माध्यम से खुद संपर्क करना चाहिए, न कि WhatsApp पर मिले किसी Link के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

कथित साइबर नेटवर्क की पहचान पर फोकस

आगरा Cyber Crime Police फिलहाल मामले की जांच कर रही है। जांच का तत्काल फोकस ₹12.56 लाख की रकम का पता लगाने, उसे प्राप्त करने वाले Bank Accounts की पहचान करने और उन खातों को संचालित करने वाले लोगों तक पहुंचने पर है।

पुलिस WhatsApp Communication, Fraudulent Link, Mobile Numbers, Bank Transactions और अन्य Electronic Evidence को आपस में जोड़ रही है। इन साक्ष्यों से कथित आरोपियों की पहचान और Money Trail स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

मामला यह भी सामने लाता है कि Fake Verification Messages और Bank जैसी Websites का इस्तेमाल कर Cyber Criminals किस तरह लोगों को विश्वास में लेकर Financial Information हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। Police अब यह जांच कर रही है कि यह एक अलग घटना थी या Senior Citizens को इसी तरीके से निशाना बनाने वाले किसी बड़े Cyber Fraud Network का हिस्सा।

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