उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में शादी का झांसा देकर एक महिला को कथित तौर पर अपने प्रभाव में लेने और उससे करीब ₹1.27 करोड़ खर्च कराने के मामले में माधवनगर पुलिस ने एक आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान जयपुर के मानसरोवर निवासी मनीष के रूप में हुई है। उसे 15 अगस्त को राजस्थान के पाली से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी महंगे जूते, कपड़े, मोबाइल, वाहन और अन्य लग्जरी सामान का शौकीन था और कथित तौर पर महिलाओं से नजदीकी बढ़ाकर अपने खर्च पूरे करवाता था।
महिला ने 13 मई 2026 को माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती शिकायत में करीब ₹35 लाख खर्च कराने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान बैंक लेनदेन, ऑनलाइन खरीदारी और अन्य खर्चों की जानकारी सामने आने के बाद कथित रकम बढ़कर करीब ₹1.27 करोड़ तक पहुंच गई। पुलिस अब इस रकम से खरीदी गई वस्तुओं और उनके मौजूदा ठिकाने की जानकारी जुटा रही है।
शादी का भरोसा देकर बढ़ाई नजदीकी
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया और परिचितों के माध्यम से महिलाओं के संपर्क में आता था। बातचीत के बाद वह धीरे-धीरे नजदीकी बढ़ाता और शादी का भरोसा देकर विश्वास हासिल करता था। शिकायतकर्ता महिला के मामले में भी आरोपी ने कथित तौर पर इसी तरीके का इस्तेमाल किया।
पुलिस का आरोप है कि भरोसा कायम होने के बाद आरोपी ने महिला से महंगे सामान और दूसरे खर्च करवाने शुरू किए। करीब तीन से चार महीने के दौरान महिला की ओर से किए गए खर्च का आंकड़ा ₹1.27 करोड़ तक पहुंच गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि रकम किन-किन माध्यमों से खर्च हुई और उससे खरीदी गई वस्तुओं का इस्तेमाल या स्वामित्व किसके पास है।
महंगे सामान और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौक
जांच में आरोपी के महंगे जूते, कपड़े, मोबाइल फोन, गाड़ियों और अन्य लग्जरी वस्तुओं के प्रति आकर्षण की बात सामने आई है। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल, नकदी और ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खरीदा गया कुछ सामान बरामद किया है।
जांचकर्ता अब खरीदारी के बिल, ऑनलाइन ऑर्डर, भुगतान रिकॉर्ड और बैंक खातों का मिलान कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि महिला से प्राप्त या उसके द्वारा खर्च की गई रकम से कौन-कौन सी वस्तुएं खरीदी गईं।
नंबर और ठिकाने बदलकर देता रहा पुलिस को चकमा
पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचना आसान नहीं था। जांच के दौरान उसके लगातार मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलने की जानकारी सामने आई। वह कथित तौर पर किराए के मकानों में रहता था और लंबे समय तक एक स्थान पर नहीं रुकता था।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया। इसके बाद उसकी लोकेशन राजस्थान के पाली में मिली, जहां टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई महिलाओं से संपर्क की जांच
पूछताछ में पुलिस को आरोपी के कई महिलाओं के संपर्क में रहने की जानकारी मिली है। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और संपर्कों की जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि यदि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाया है, तो आने वाले दिनों में नए मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके संपर्क में आई महिलाओं के साथ किसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी या दबाव की स्थिति बनी थी या नहीं।
ज्वेलरी की दुकान भी जांच के दायरे में
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक ज्वेलरी की दुकान भी शुरू की थी और शिकायतकर्ता महिला उससे मिलने के लिए वहां आती थी। जांच एजेंसियां अब दुकान के दस्तावेज, बैंक लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दुकान सामान्य कारोबारी गतिविधि के लिए खोली गई थी या कथित तौर पर महिला के साथ संपर्क बनाए रखने और वित्तीय लेनदेन के लिए उसका इस्तेमाल किया गया।
₹1.27 करोड़ के Money Trail की पड़ताल
पुलिस अब पूरे वित्तीय लेनदेन की कड़ी जोड़ रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, नकद भुगतान, ऑनलाइन शॉपिंग, खरीदे गए सामान और अन्य खर्चों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ब्लैकमेलिंग के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
जांच का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि महिला से खर्च कराई गई रकम वास्तव में कहां गई और आरोपी ने उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया। आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच के बाद कथित अपराध का पूरा पैटर्न सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल और सोशल मीडिया रिकॉर्ड के आधार पर संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने के साथ-साथ पूरे वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
