न्यू जर्सी: संयुक्त राज्य अमेरिका में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर गोल्ड घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें भारतीय मूल के 25 वर्षीय युवक निगन भट्ट को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी एक संगठित ठगी गिरोह का हिस्सा था, जो खासतौर पर बुजुर्ग नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे सोना और नकदी की ठगी करता था।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह लगभग $800,000 (करीब ₹6.6 करोड़) मूल्य के सोने की डिलीवरी लेने पहुंचा था। यह कार्रवाई अमेरिका के कई राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से की गई।
बुजुर्गों को डराकर बनाया जाता था शिकार
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता था। कॉल सेंटर के जरिए लोगों को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी एजेंट या कानून प्रवर्तन अधिकारी बताया जाता था।
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पीड़ितों को यह कहकर डराया जाता था कि उनका बैंक खाता या सोशल सिक्योरिटी लाभ फ्रीज़ कर दिया गया है और उसे “सुरक्षित” करने के लिए उन्हें तुरंत सोना या कीमती सामान जमा करना होगा। डर और मानसिक दबाव में आकर कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी तक सौंप दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला ठगी नेटवर्क
अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह केवल अमेरिका तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, इस तरह के कॉल सेंटर विदेशों से संचालित किए जा रहे थे, जहां से फर्जी कॉल करके लोगों को ठगा जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से हासिल सोने को ज्वेलरी दुकानों और अन्य चैनलों के जरिए बेचा जाता था, ताकि अवैध पैसे को वैध आर्थिक प्रणाली में शामिल किया जा सके।
जांच एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई
इस मामले में कई स्थानीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों ने मिलकर संयुक्त कार्रवाई की। जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि यह नेटवर्क कई अमेरिकी राज्यों में फैला हुआ है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
पहले भी सामने आए ऐसे मामले
जांच अधिकारियों के अनुसार, जनवरी 2026 में अमेरिका के Texas राज्य में इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जहां दो ज्वेलरी दुकानों पर छापेमारी की गई थी।
इन दुकानों पर आरोप था कि वे ठगी से जुड़े सोने को खपाने में मदद कर रहे थे। जांच में पाया गया कि धोखाधड़ी से लाए गए सोने को पिघलाकर नए आभूषण बनाए जाते थे और फिर उन्हें बाजार में बेच दिया जाता था, जिससे पैसे के असली स्रोत को छिपाया जा सके।
अधिकारियों की चेतावनी
अधिकारियों ने लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी बैंक, सरकारी एजेंसी या कानून प्रवर्तन संस्था कभी भी फोन पर सोना, नकदी या गिफ्ट कार्ड जमा करने की मांग नहीं करती।
उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी कॉल पर तुरंत भरोसा न करें, कॉल काट दें और सीधे संबंधित बैंक या आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
जांच जारी, बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसकी फंडिंग कैसे हो रही थी।
अधिकारियों का मानना है कि यह एक बड़ा संगठित साइबर गोल्ड फ्रॉड सिंडिकेट है, जिसके तार कई देशों और अमेरिकी राज्यों तक फैले हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
