गाजियाबाद जोन में वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रविष्टियों में प्रतिकूल टिप्पणियों और सत्यनिष्ठा पर सवाल उठने का मामला; अधिकारियों ने अपनी आईडी से प्रविष्टियां करने से किया इन्कार, तीन सदस्यीय समिति करेगी तकनीकी और विभागीय पड़ताल

22 कर्मचारियों की वार्षिक प्रविष्टियों पर विवाद, मानव संपदा पोर्टल के लॉगिन से आईपी एड्रेस तक होगी जांच

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By Roopa
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लखनऊ। राज्य कर विभाग में मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई है। गाजियाबाद जोन के 22 कर्मचारियों की वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक प्रविष्टियों को लेकर उठे विवाद की जांच अब तीन सदस्यीय समिति करेगी। समिति यह पता लगाएगी कि संबंधित प्रविष्टियां वास्तव में अधिकारियों ने दर्ज की थीं या उनकी जानकारी के बिना उनकी आईडी का इस्तेमाल कर सेवा रिकॉर्ड में बदलाव किया गया।

अपर आयुक्त राज्य कर विभाग अजय पाल गौतम ने अपर आयुक्त द्वितीय मोनू त्रिपाठी की अध्यक्षता में समिति गठित की है। इसमें दो संयुक्त आयुक्त भी शामिल हैं। समिति को मामले के विभागीय पक्ष के साथ तकनीकी पहलुओं की भी जांच करनी है। जांच का प्रमुख आधार मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड होंगे।

मामला 22 कर्मचारियों की वार्षिक प्रविष्टियों में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों से जुड़ा है। कुछ कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा पर भी सवाल उठाने वाली टिप्पणियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। संबंधित अधिकारियों की आईडी से ये प्रविष्टियां दर्ज दिखाई दे रही हैं, लेकिन अधिकारियों ने ऐसी प्रविष्टियां करने से इन्कार किया है। इससे पूरे मामले में आईडी के अनधिकृत इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।

कर्मचारियों की ओर से आरोप लगाया गया कि संबंधित अधिकारियों के पासवर्ड रिसेट कर उनकी आईडी का इस्तेमाल किया गया। मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने और साइबर स्तर पर जांच कराने की मांग भी उठी थी। अब समिति यह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि वास्तव में किसी आईडी की सुरक्षा से समझौता हुआ था या प्रविष्टियां संबंधित अधिकारियों की जानकारी में ही दर्ज की गई थीं।

जांच के दौरान मानव संपदा पोर्टल के लॉग, संबंधित आईडी, पासवर्ड रिसेट का रिकॉर्ड, लॉगिन का समय, सिस्टम की जानकारी और आईपी एड्रेस समेत उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। इन रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने का प्रयास होगा कि विवादित प्रविष्टियां कब दर्ज की गईं, किस आईडी से लॉगिन हुआ और उस समय किस प्रणाली या आईपी एड्रेस से पोर्टल तक पहुंच बनाई गई थी।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

जांच का असर केवल तकनीकी विवाद तक सीमित नहीं है। कथित प्रतिकूल प्रविष्टियों के कारण कर्मचारियों की सेवा संबंधी प्रगति भी प्रभावित हुई है। बताया गया है कि तीन कर्मचारियों की पदोन्नति रुक गई है। वहीं, कुछ कर्मचारियों के वित्तीय उन्नयन यानी एसीपी के लाभ पर भी संकट बना हुआ है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष इन कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और भविष्य के लाभों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

राज्य कर विभाग में वित्तीय वर्ष 2024-25 से वार्षिक प्रविष्टियां मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई थी। डिजिटल व्यवस्था के कारण सेवा रिकॉर्ड तैयार करने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। ऐसे में किसी अधिकारी की जानकारी के बिना उसकी आईडी से प्रविष्टि किए जाने की पुष्टि होती है तो विभागीय स्तर पर डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदारी से जुड़े सवाल भी सामने आएंगे।

समिति सभी 22 कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की जांच करेगी और विवादित वार्षिक प्रविष्टियों को उपलब्ध तकनीकी रिकॉर्ड से मिलाएगी। साथ ही पासवर्ड रिसेट, लॉगिन गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह निर्धारित करने का प्रयास किया जाएगा कि प्रविष्टियां किस प्रक्रिया से दर्ज हुईं।

अपर आयुक्त अजय पाल गौतम ने कहा कि मानव संपदा पोर्टल पर कथित छेड़छाड़ कर कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को प्रभावित करने का मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति सभी पहलुओं की जांच के बाद रिपोर्ट देगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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