अहमदाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने के नाम पर ₹4.07 लाख की कथित रिश्वत लेते 76 वर्षीय व्यक्ति को गुजरात ACB ने गिरफ्तार किया।

पीएम आवास योजना में मकान दिलाने के नाम पर ₹4.07 लाख की रिश्वत, 76 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार

Team The420
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अहमदाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने और उसका आवंटन कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 76 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर एक व्यक्ति से पहले ही ₹3.82 लाख ले लिए थे। इसके बाद उसने एक अन्य व्यक्ति से भी मकान दिलाने के नाम पर ₹5.75 लाख की मांग की। बातचीत के बाद रिश्वत की रकम ₹4.07 लाख तय हुई। एसीबी ने जाल बिछाकर शाहिबाग में यह रकम लेते हुए आरोपी को कथित तौर पर रंगे हाथ पकड़ लिया।

मामला उस समय सामने आया जब एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान पाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन करने के बावजूद उसे योजना के तहत मकान आवंटित नहीं हुआ। इसके बाद उसकी मुलाकात नारणपुरा के हरिचंद्र पार्क क्षेत्र में रहने वाले 76 वर्षीय व्यक्ति से हुई। आरोप है कि आरोपी ने खुद को मकान दिलाने में मदद करने में सक्षम बताते हुए शिकायतकर्ता को आवास योजना के तहत मकान की व्यवस्था और आवंटन कराने का भरोसा दिया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस भरोसे के आधार पर आरोपी ने उससे ₹3.82 लाख ले लिए। रकम लेने के बाद भी मामले का समाधान नहीं हुआ। इसी दौरान आरोपी पर एक दूसरे व्यक्ति से भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने के नाम पर संपर्क करने और पैसे मांगने का आरोप लगा। दूसरे व्यक्ति से कथित तौर पर ₹5.75 लाख की मांग की गई थी।

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रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच ₹4.07 लाख में सौदा तय हुआ। हालांकि, शिकायतकर्ता रिश्वत के रूप में इतनी बड़ी रकम देने के लिए तैयार नहीं था। उसने पूरे मामले की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने प्राथमिक जानकारी की जांच की और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।

इसके बाद शाहिबाग इलाके में स्वामीनारायण मंदिर के गेट के पास सीढ़ियों पर जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को आरोपी को रकम देने के लिए भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से ₹4.07 लाख की रकम स्वीकार की, वहां मौजूद एसीबी की टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात सामने आई है।

एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर आरोपी ने कितने लोगों से संपर्क किया था और कितने लोगों से रकम ली गई। अधिकारियों की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या आरोपी अकेले ही लोगों को योजना के तहत मकान दिलाने का भरोसा देकर पैसे मांग रहा था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था।

जांच एजेंसी कथित तौर पर पहले लिए गए ₹3.82 लाख और दूसरे व्यक्ति से मांगी गई रकम से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आवास योजना से संबंधित कोई वास्तविक दस्तावेज, आवेदन, आवंटन प्रक्रिया या अन्य सरकारी रिकॉर्ड इस मामले में इस्तेमाल किया गया था या नहीं। संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध दस्तावेज जांच का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराने की सरकारी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर होती है। ऐसे में किसी व्यक्ति द्वारा निजी तौर पर रकम लेकर मकान दिलाने या आवंटन कराने का दावा किए जाने पर उसकी वैधता की जांच जरूरी हो जाती है। इस मामले में भी एसीबी की कार्रवाई के बाद अब कथित लेनदेन की पूरी कड़ी और आरोपी द्वारा किए गए दावों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।

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