सियोल: दक्षिण कोरिया में टिकटॉक लाइवस्ट्रीम के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों से करोड़ों वॉन की ठगी करने वाले एक संगठित निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दक्षिण कोरियाई पुलिस ने इस मामले में उज्बेकिस्तान के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों आरोपी कथित तौर पर पीड़ितों से लगभग 80 मिलियन वॉन (करीब ₹46 लाख) की नकदी एकत्र कर उसे संगठित आपराधिक गिरोह तक पहुंचाने का काम करते थे। दोनों आरोपियों को 9 जुलाई को हिरासत में रहते हुए अभियोजन पक्ष के समक्ष भेज दिया गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क के कथित सरगना, अन्य नकदी कुरियर और इससे जुड़े सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।
जांच के अनुसार गिरोह टिकटॉक लाइवस्ट्रीम के माध्यम से लोगों को कोसडैक में सूचीबद्ध कंपनी सेनेजेनिक्स (Cenegenics) में निवेश का लालच देता था। निवेशकों को 600 प्रतिशत से 1,000 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने का दावा किया जाता था, जिससे उन्हें अत्यधिक लाभ का भरोसा दिलाया जाता था। रुचि दिखाने वाले लोगों को बाद में नेवर बैंड (Naver Band) के ग्रुप चैट में शामिल किया जाता था, जहां उन्हें बैंक ट्रांसफर और अन्य भुगतान माध्यमों से निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। जांचकर्ताओं के अनुसार कई पीड़ितों ने शुरुआती चरण में लगभग 30 मिलियन वॉन तक की राशि स्थानांतरित की थी।
पुलिस के अनुसार बाद में जब पीड़ितों को बताया गया कि उनके निवेश पर बड़ा लाभ हो चुका है, तो गिरोह ने कथित तौर पर दावा किया कि लाभ की राशि निकालने के लिए अतिरिक्त नकदी या सोना जमा कराना होगा। कथित मुनाफा प्राप्त करने की उम्मीद में कम से कम एक पीड़ित ने गिरोह के भेजे गए व्यक्तियों को अतिरिक्त 50 मिलियन वॉन नकद सौंप दिए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह तरीका उन निवेशकों को और अधिक धन देने के लिए तैयार करने की रणनीति का हिस्सा था, जो पहले ही बड़ी रकम निवेश कर चुके थे।
जांच में सामने आया कि गिरोह पीड़ितों से नकदी एकत्र करने के लिए विदेशी नागरिकों को कैश कुरियर के रूप में इस्तेमाल करता था, जिससे धन के वास्तविक प्रवाह का पता लगाना कठिन हो जाता था। पुलिस ने पाया कि आरोपी पीड़ितों से मिलने के दौरान किराये की कारों का उपयोग करते थे। वाहन गतिविधियों की निगरानी और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों उज्बेक नागरिकों का पीछा करते हुए उन्हें उत्तर चुंगच्योंग प्रांत के चोंगजू शहर से गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आपराधिक संगठन ने नकदी संग्रह की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों में विभाजित कर रखा था, ताकि असली संचालकों की पहचान छिपी रहे। कई मामलों में एक कुरियर पीड़ित से नकदी लेकर उसे दूसरे कुरियर को सौंप देता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन की श्रृंखला को अंतिम संचालकों तक पहुंचाना और अधिक जटिल हो जाता था। पुलिस का मानना है कि यह बहु-स्तरीय व्यवस्था जांच से बचने के उद्देश्य से तैयार की गई थी।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बयान, संचार रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इस गिरोह के और भी पीड़ित हो सकते हैं, जिन्होंने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार दक्षिण कोरिया में सक्रिय अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध गिरोहों से जुड़े हैं या नहीं।
जांच एजेंसियों ने बताया कि विदेशी कैश कुरियर अक्सर अल्पकालिक पर्यटक वीजा पर दक्षिण कोरिया पहुंचते हैं। यदि वे जांच पूरी होने से पहले देश छोड़ दें या उनका वीजा समाप्त हो जाए, तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया के दायरे में लाना कठिन हो जाता है। पुलिस का मानना है कि संगठित अपराधी इसी कमजोरी का फायदा उठाकर विदेशी नागरिकों की भर्ती कर रहे हैं, जबकि गिरोह के वास्तविक संचालक सीधे पीड़ितों के संपर्क में आने से बचते हैं।
यह कार्रवाई हाल ही में सामने आए एक अन्य बड़े वित्तीय अपराध मामले के बाद हुई है, जिसमें 26 वियतनामी नागरिकों पर वॉयस फिशिंग और निवेश ठगी से अर्जित लगभग 8.5 बिलियन वॉन (करीब ₹49 करोड़) की धनराशि को विभिन्न बैंक खातों और 905 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से स्थानांतरित कर धन शोधन करने का आरोप लगा था। जांचकर्ताओं के अनुसार कई आरोपी विवाह के माध्यम से दक्षिण कोरिया में रह रहे प्रवासी या अंतरराष्ट्रीय छात्र थे, जिन्होंने अपने नाम के बैंक खातों का इस्तेमाल कर आपराधिक आय को छिपाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि निवेश ठगी और अन्य संगठित वित्तीय अपराधों में विदेशी कैश कुरियर की भूमिका लगातार बढ़ रही है और ऐसे नेटवर्क का संचालन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
