कानपुर केस्को में टेंडर से अधिक स्क्रैप भेजे जाने के आरोप के बाद स्टोर डिवीजन की जांच शुरू की गई है।

केस्को में स्क्रैप घोटाले का आरोप, 10 टन की जगह भेज दिया 22 टन कबाड़

Team The420
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कानपुर: कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO) के स्टोर डिवीजन में निष्प्रयोज्य बिजली के खंभों और उपकरणों के स्क्रैप की बिक्री में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि टेंडर के तहत गुजरात की एक कंपनी को 10 टन स्क्रैप भेजा जाना था, लेकिन इसके बजाय करीब 22 टन कबाड़ लदी गाड़ी रवाना कर दी गई। निर्धारित मात्रा से लगभग 12 टन अधिक भेजे गए स्क्रैप की कीमत करीब ₹6 लाख बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद केस्को प्रबंधन ने संबंधित एक्सईएन से स्टोर का चार्ज वापस लेकर उन्हें दूसरे विभाग में भेज दिया है। पूरे प्रकरण की जांच अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

टेंडर में 10 टन स्क्रैप भेजने का था प्रावधान

जानकारी के अनुसार, केस्को के स्टोर डिवीजन में लंबे समय से जमा निष्प्रयोज्य बिजली के खंभे, उपकरण और अन्य धातु सामग्री को टेंडर प्रक्रिया के जरिए बेचा जा रहा था। गुजरात की ठेका कंपनी को ₹54 प्रति किलोग्राम की दर से 10 टन स्क्रैप दिया जाना तय था। इसके लिए निर्धारित मात्रा के अनुसार ही माल की तौल, लोडिंग और डिस्पैच किया जाना था।

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आरोप है कि 30 जुलाई को लोड होकर निकली गाड़ी में निर्धारित 10 टन के बजाय करीब 22 टन स्क्रैप भर दिया गया। इस तरह करीब 12 टन अतिरिक्त माल भेजे जाने की बात सामने आई। अतिरिक्त स्क्रैप की कीमत लगभग ₹6 लाख आंकी गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।

जेई ने डायल 112 पर दी सूचना

केस्को स्टोर डिवीजन के जेई रमेश ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी निर्धारित मात्रा से अधिक स्क्रैप भेजे जाने का मामला सामने आया था। उनके अनुसार, पिछले महीने बिहार की एक ठेका फर्म को तय मात्रा से ज्यादा माल भेजे जाने की सूचना मिलने पर गाड़ी को शुक्लागंज में पकड़ा गया था। हालांकि, आरोप है कि बाद में साठगांठ के जरिए गाड़ी को छुड़वा लिया गया।

30 जुलाई को दूसरी गाड़ी में भी निर्धारित मात्रा से अधिक स्क्रैप लदे होने की जानकारी मिलने पर जेई ने इसकी सूचना डायल 112 को दी। इसके बाद काकादेव क्षेत्र में लोडेड गाड़ी को पकड़ा गया। मामले में ग्वालटोली थाने में तहरीर भी दी गई है। अब पुलिस और विभागीय जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अतिरिक्त माल किस स्तर पर लोड किया गया और इसकी अनुमति किसने दी।

स्टोर का चार्ज वापस, दूसरे विभाग में भेजे गए एक्सईएन

मामले की गंभीरता को देखते हुए केस्को प्रबंधन ने संबंधित एक्सईएन से स्टोर का चार्ज वापस ले लिया है। उन्हें नेटवर्क एनालिसिस डिवीजन में भेजे जाने की जानकारी है। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्टोर डिवीजन में हड़कंप मचा हुआ है।

प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच अधीक्षण अभियंता (परियोजना) को सौंपी है। जांच में टेंडर की शर्तों, नीलामी प्रक्रिया, निर्धारित वजन, वास्तविक वजन, डिस्पैच रिकॉर्ड, गाड़ी में लदे स्क्रैप और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके अलावा स्टोर में उपलब्ध रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन भी किया जा सकता है।

पहले भी अधिक माल भेजने के आरोप की जांच

जेई की ओर से पिछले महीने बिहार की ठेका फर्म को अधिक स्क्रैप भेजे जाने के लगाए गए आरोप को भी जांच में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के सामने यह सवाल है कि यदि निर्धारित मात्रा से अधिक माल भेजा गया था तो उसकी तौल और डिस्पैच प्रक्रिया में यह अंतर कैसे सामने नहीं आया। साथ ही, गाड़ी के वजन और स्टोर रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा का मिलान भी जांच का अहम हिस्सा होगा।

एमडी नेहा जैन के अनुसार, स्टोर के स्क्रैप की बिक्री में अनियमितता सामने आई है। संबंधित एक्सईएन को दूसरे विभाग में भेज दिया गया है और मामले की जांच अधीक्षण अभियंता (परियोजना) को दी गई है। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले से जुड़े सभी पहलुओं के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। विभागीय रिकॉर्ड, टेंडर दस्तावेज और स्क्रैप की वास्तविक मात्रा के मिलान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अतिरिक्त माल किस परिस्थिति में भेजा गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ मामले में कथित वित्तीय नुकसान और किसी संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल की जा रही है।

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