सोनभद्र/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग एप के नाम पर करीब ₹2.27 करोड़ की ठगी करने वाले एक आरोपी को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोनभद्र साइबर थाना पुलिस की जांच के बाद की गई, जिसमें बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल फंड फ्लो के आधार पर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
जांच के अनुसार, ठगी की रकम पहले एक एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी, जो गोरखपुर निवासी प्रदीप सिंह के नाम पर पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
फर्जी ट्रेडिंग एप के नाम पर निवेश का झांसा
मामले में सामने आया कि एनसीएल बीना निवासी युगल किशोर तिवारी को 13 जनवरी 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने “शेयरखान एज” नामक फर्जी ट्रेडिंग एप का लिंक भेजा था। इस एप को असली निवेश प्लेटफॉर्म जैसा दिखाया गया, जिससे पीड़ित को भरोसा हो गया।
इसके बाद आरोपी और उसके नेटवर्क ने अलग-अलग तारीखों में निवेश के नाम पर लगातार पैसे मंगवाए और कुल ₹2,27,02,616 की ठगी कर ली। शुरुआती निवेश पर “लाभ” दिखाकर पीड़ित को और रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया, जो इस तरह के साइबर फ्रॉड का आम तरीका है।
ऑफिस से चल रहा था कॉल सेंटर जैसा नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रदीप सिंह गोरखपुर के बैंक रोड स्थित विंध्यवासिनी कॉलोनी में एक ऑफिस से यह पूरा नेटवर्क चला रहा था। बाहर से इसे सोलर फ्रेंचाइजी ऑफिस दिखाने के लिए बोर्ड लगाया गया था, ताकि किसी को शक न हो।
अंदर से यह जगह एक संगठित साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर की तरह काम करती थी, जहां लगभग 10 युवक लोगों को कॉल और मैसेज के जरिए निवेश के लिए फंसाने का काम करते थे।
ट्रांजेक्शन को छिपाने के लिए शेल अकाउंट्स का इस्तेमाल
पुलिस जांच के मुताबिक, ठगी की रकम को कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था ताकि पैसों का असली स्रोत छिपाया जा सके। यह पूरा नेटवर्क बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था, जिससे शुरुआती स्तर पर किसी को शक न हो।
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गिरफ्तारी और बरामदगी
साइबर थाना प्रभारी डीके चौधरी के अनुसार, आरोपी को एम्स गोरखपुर के पास से देर रात गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल डेटा से पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
जांच में अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार यह गिरोह सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
विशेषज्ञ की चेतावनी
इस तरह के बढ़ते साइबर फ्रॉड पर टिप्पणी करते हुए प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि ऐसे गिरोह लोगों को “फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और उच्च मुनाफे के लालच” के जरिए निशाना बनाते हैं। उनके अनुसार, “साइबर अपराधी पहले छोटा लाभ दिखाकर विश्वास बनाते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर पूरा नेटवर्क गायब कर देते हैं।”
साइबर पुलिस की अपील
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप या निवेश प्लेटफॉर्म पर बिना सत्यापन के पैसे न लगाएं। किसी भी प्रकार के अधिक रिटर्न के वादे अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होते हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।
