इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और प्लॉट खरीदने पर कैशबैक का लालच देकर रकम लेने का आरोप; फर्जी नक्शे और दस्तावेज दिखाकर खाटूश्यामजी में जमीन बेचने की कोशिश, कई थानों में दर्ज हैं मामले

प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी! 150% कैशबैक का झांसा, पति-पत्नी पर 19 मुकदमे

Roopa
By Roopa
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सीकर: राजस्थान के सीकर में प्रॉपर्टी निवेश और भारी कैशबैक के नाम पर कथित करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कंपनी से जुड़े पति-पत्नी ने लोगों को इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने और प्लॉट में निवेश करने पर 100 से 150 प्रतिशत तक कैशबैक देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उनसे लाखों-करोड़ों रुपये की रकम ली गई। जब पीड़ितों को न तो वादा किया गया कैशबैक मिला और न ही प्लॉट, तब उन्होंने पुलिस और अदालत का रुख किया। मंगलवार को कई पीड़ित सीकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा रकम वापस दिलाने की मांग की।

पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ सीकर और जयपुर जिले के अलग-अलग थानों में कुल 19 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें रींगस थाना क्षेत्र में आठ, श्रीमाधोपुर और खाटूश्यामजी सदर थानों में तीन-तीन मामले शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा जयपुर जिले के चौमूं, मुरलीपुरा और विद्याधर नगर थानों में भी मामले दर्ज कराए गए हैं। सीकर जिले में कई मुकदमे अदालत के आदेश पर इस्तगासे के माध्यम से दर्ज हुए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान की आड़ में निवेश का झांसा

शिकायतों के मुताबिक, रींगस क्षेत्र में Green Angels Private Limited नाम की कंपनी से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर ग्राहकों से संपर्क किया। बीकानेर स्टैंड स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र पर कुछ पीड़ितों की मुलाकात सुनील कुमार ढेला और उसकी पत्नी अनीता ढेला से हुई। आरोप है कि दोनों ने खुद को कंपनी का संचालक बताते हुए रींगस के खाटूमोड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और प्लॉट का कारोबार करने की जानकारी दी।

पीड़ितों का आरोप है कि पति-पत्नी ने इलेक्ट्रॉनिक सामान और प्लॉट खरीदने पर 100 प्रतिशत कैशबैक देने का दावा किया। कुछ मामलों में 150 प्रतिशत तक कैशबैक मिलने का लालच दिए जाने की बात भी सामने आई है। इस तरह अधिक रिटर्न का भरोसा देकर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया गया।

फर्जी नक्शे और दस्तावेज दिखाने का आरोप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने खाटूश्यामजी के अलोदा सामर रोड स्थित Shyam Green Angels City-2 में प्लॉट उपलब्ध होने का दावा किया। इसके लिए कथित तौर पर प्लॉट के नक्शे और अन्य दस्तावेज दिखाए गए। दस्तावेज देखकर और कंपनी की बातों पर भरोसा करके कई लोगों ने आरोपियों को रकम का भुगतान कर दिया।

बाद में जब पीड़ितों ने प्लॉट का कब्जा या निवेश की रकम वापस मांगनी शुरू की तो कथित तौर पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। जांच और मौके पर जानकारी लेने के बाद कुछ पीड़ितों को पता चला कि जिन प्लॉटों का दावा किया गया था, उनके लिए बताई गई जमीन मौके पर मौजूद ही नहीं थी।

कई थानों में दर्ज हुए मामले

मामला सामने आने के बाद पीड़ितों ने अलग-अलग थानों और अदालतों में शिकायतें दर्ज कराईं। मंगलवार को पीड़ितों के एक समूह ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित तौर पर ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की।

पीड़ित राकेश लोरा के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब सभी मामलों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में कितने लोग प्रभावित हुए और कुल कितनी रकम ली गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामलों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। सीकर जिले में दर्ज मामलों की जांच SI और ASI स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। पुलिस शिकायतों में लगाए गए आरोपों, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों, कथित प्लॉट के रिकॉर्ड और कंपनी से संबंधित कागजात की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य बिंदु यह भी रहेगा कि कंपनी के नाम पर वास्तव में कौन-सी संपत्तियां मौजूद थीं, पीड़ितों से किस माध्यम से रकम ली गई और कैशबैक या प्लॉट देने के दावों के पीछे क्या व्यवस्था थी। पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की भी जांच कर सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

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