₹145 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉज़िट में अनियमितताएं; राजत धारा ने कथित तौर पर ₹70 करोड़ निजी खातों में ट्रांसफर किए, जांच जारी

Kotak Mahindra बैंक घोटाले में राजत धारा को 7 दिन की पुलिस रिमांड

Roopa
By Roopa
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पंचकुला: पंचकुला नगर निगम (MC) के ₹145 करोड़ के फिक्स्ड डिपॉज़िट घोटाले में सोमवार को मुख्य आरोपी राजत धारा को स्थानीय अदालत ने सात दिन की पुलिस रिमांड दी। मामले की जांच हरियाणा के स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रहा है। प्रारंभिक बैंक खातों की जांच में पता चला कि राजत धारा ने कथित तौर पर अन्य आरोपियों के सहयोग से ₹70 करोड़ से अधिक राशि अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवाई।

घोटाले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी

मामला उन गंभीर अनियमितताओं से जुड़ा है जो पंचकुला MC द्वारा Kotak Mahindra बैंक, सेक्टर 11 में रखी गई फिक्स्ड डिपॉज़िट (FDs) में सामने आई।

  • 25 मार्च को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज की गई।
  • उसी दिन बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप राघव को गिरफ्तार किया गया।
  • राजत धारा को 26 मार्च को गिरफ्तार किया गया।

राघव फिलहाल चार दिन की ACB रिमांड पर हैं और कथित तौर पर फर्जी ट्रांज़ैक्शन में सह-षड्यंत्रकर्ता के रूप में शामिल थे।

जांच अधिकारियों का कहना है कि मामला बहु-स्तरीय साजिश का हिस्सा है, इसलिए आरोपी की पूरी पूछताछ के लिए रिमांड आवश्यक थी।

बैंक खातों में असंगतियां और छिपे हुए खाते

जांच में सामने आया कि पंचकुला MC ने 16 FDs में कुल ₹145.03 करोड़ जमा किए थे, जिनकी परिपक्वता राशि ₹158.02 करोड़ थी।

  • 11 FDs, कुल मूल्य ₹59.57 करोड़, 16 फरवरी 2026 को परिपक्व हुए, लेकिन बैंक में केवल ₹2.17 करोड़ दिखे।
  • 18 मार्च को बैंक की रिपोर्ट में शेष राशि ₹12.85 करोड़ दिखी और कोई सक्रिय FDs नहीं थीं।

जांच में दो ऐसे बैंक खाते भी मिले जो आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं थे। इससे स्पष्ट होता है कि वित्तीय हेराफेरी और सांठगांठ की संभावना है।

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राजत धारा का कथित लाभ और पैसे का ट्रेल

जांच में पता चला कि राजत धारा ने कथित तौर पर ₹70 करोड़ से अधिक राशि अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवाई। ACB के अनुसार, इसका उद्देश्य पूरे मनी ट्रेल का पता लगाना और लाभार्थियों की पहचान करना है।

जांच का मुख्य फोकस:

  • फंड डायवर्ज़न का मोडस ऑपरेंडी समझना।
  • बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मियों और निजी व्यक्तियों के बीच संधि का पता लगाना।
  • घोटाले से जुड़े खातों की पहचान और उन्हें फ्रीज़ करना।
  • अपराध से प्राप्त संपत्ति, दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य रिकवर करना।

सरकारी कदम और सुधार योजना

  • हरियाणा सरकार ने वित्त विभाग के निर्देश पर मामला ACB को सौंपा।
  • पंचकुला MC ने सभी FDs और बैंक खातों की सत्यापन समिति गठित की है।

ब्यूरो का उद्देश्य न केवल यह घोटाला उजागर करना है, बल्कि समान नेटवर्क द्वारा किए गए अन्य संभावित फ्रॉड की जांच भी करना है।

ACB ने अदालत को बताया कि मामले की डिजिटल और बैंकिंग दस्तावेज़ों की समीक्षा के जरिए नकदी और संपत्ति की दिशा तय की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि घोटाले में शामिल कौन‑कौन लोग हैं।

अगले कदम और व्यापक प्रभाव

  • जांच एजेंसी डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
  • पंचकुला MC और राज्य सरकार बैंकिंग और वित्तीय प्रक्रियाओं में सुधार पर भी ध्यान दे रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घोटाला स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है और बड़े पैमाने पर सिस्टमेटिक वित्तीय फ्रॉड का संकेत देता है।

ब्यूरो की प्राथमिकता है कि सभी प्राप्त फंड्स और संपत्ति की ट्रेसिंग की जाए, ताकि जनता के करदाताओं का पैसा सुरक्षित रहे।

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