लोणी कालभोर। पुणे जिले के लोणी कालभोर क्षेत्र में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां नर्सरी व्यवसाय में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक दंपती ने कई लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता से करीब ₹4 लाख की ठगी की गई, जबकि जांच में सामने आया है कि इसी तरीके से अन्य कई लोगों को भी निशाना बनाया गया।
शिकायत के आधार पर आरोपी दंपती किशोर लक्ष्मण साठे और अर्चना किशोर साठे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पिछले दो महीनों से उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं, जिससे उनकी तलाश और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
ऐसे रचा गया ठगी का पूरा खेल
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता महेंद्र बाबू जैनजांगडे (39) को आरोपी किशोर साठे पहले से जानता था। इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने अक्टूबर 2025 में नर्सरी (पौधों का व्यवसाय) शुरू करने का प्रस्ताव रखा। आरोपी ने दावा किया कि इस व्यवसाय में बहुत अधिक मुनाफा है और शिकायतकर्ता की पत्नी को इस क्षेत्र का अनुभव होने के कारण यह निवेश बेहद फायदेमंद साबित होगा।
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विश्वास में लेकर आरोपी ने निवेश के लिए रकम मांगी। इसके बाद 1 नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता ने ₹2 लाख का चेक और ₹2 लाख नकद देकर कुल ₹4 लाख आरोपी को सौंप दिए। शुरुआत में आरोपी ने जल्द ही व्यवसाय शुरू करने का भरोसा दिलाया, लेकिन समय बीतने के साथ वह लगातार टालमटोल करता रहा।
चेक बाउंस होते ही सामने आई सच्चाई
जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने दिसंबर 2025 में ₹2.20 लाख का एक चेक दिया। हालांकि, बैंक में जमा करने पर यह चेक बाउंस हो गया। यहीं से पूरे मामले में धोखाधड़ी की आशंका गहराई और पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दंपती ने केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि इलाके के कई अन्य लोगों को भी अलग-अलग बिजनेस योजनाओं का झांसा देकर ठगा है।
कई और पीड़ित आए सामने
जांच के दौरान फकीर इनामदार, परविंदर दिगवा, लकी दिगवा और बालासाहेब म्हेत्रे सहित कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने इसी तरह के निवेश प्रस्तावों के तहत पैसे गंवाए। आरोप है कि आरोपी दंपती हर व्यक्ति को अलग-अलग व्यवसाय का सपना दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करता था और फिर रकम लेकर गायब हो जाता था।
स्थानीय स्तर पर इस मामले ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि आरोपी लंबे समय तक भरोसा बनाकर धीरे-धीरे बड़ी रकम इकट्ठा करते थे।
दो महीने से फरार, तलाश जारी
सूत्रों के अनुसार, पिछले करीब दो महीनों से आरोपी दंपती का कोई पता नहीं चल पाया है। उनका मोबाइल फोन बंद है और आशंका है कि वे पुणे शहर छोड़कर कहीं और छिपे हुए हैं। जांच एजेंसियां संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी माध्यमों से भी उनकी लोकेशन ट्रैक करने का प्रयास किया जा रहा है।
निवेश के नाम पर बढ़ते ठगी के मामले
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि छोटे स्तर के व्यवसाय या निवेश के नाम पर किस तरह लोगों को फंसाया जा रहा है। खासतौर पर परिचितों के जरिए किए गए ऐसे प्रस्तावों में लोग बिना पर्याप्त जांच के पैसा लगा देते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता, दस्तावेज और व्यावसायिक पृष्ठभूमि की जांच करना बेहद जरूरी है। साथ ही केवल मौखिक वादों पर भरोसा करने के बजाय लिखित अनुबंध और कानूनी सुरक्षा उपाय अपनाना चाहिए।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
इस पूरे मामले में अभी जांच जारी है और संभावना है कि आगे और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी दंपती के पकड़े जाने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर एक बड़ी चेतावनी बनकर उभरा है—जहां “आसान मुनाफे” का लालच कई लोगों को भारी नुकसान की ओर धकेल गया।
